उत्तर प्रदेश डेस्क : उत्तर प्रदेश में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण हो चुका है। इस हाईवे के निर्माण के बाद उत्तर प्रदेश के विकास को नए पंख लगे हैं। अब गोरखपुर से लखनऊ का सफर सिर्फ साढ़े 3 घंटे का रह गया है। इस सुपरहाईवे का निर्माण किसानों के सहयोग से किया गया है, जो रोजगार और सूबे के आर्थिक विकास के लिए नए मौके लेकर आएगा। इस हाईवे की अन्य खासियतों के बारे में जान लेते हैं।
इस हाईवे का लोकार्पण सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था। यह हाईवे गोरखपुर, लखनऊ, आजमगढ़ और प्रयागराज जाने वाले लोगों को सुगम और सुविधाजनक यात्रा मुहैया करवाता है। इस हाईवे के शुरू होने के बाद गोरखपुर और लखनऊ के बीच लोग सुपरफास्ट यात्रा का आनंद ले सकते हैं।
इस हाईवे के शुरू होने के बाद दिल्ली-NCR के यात्रियों को भी फायदा मिला है। वे कम समय में गोरखपुर का सफर पूरा कर सकते हैं। इस इलाके में नए हाईवे की वजह आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों में इजाफा हुआ है। बता दें कि इस हाईवे के निर्माण के लिए 172 गांवों के 22029 किसानों ने 1148.77 हेक्टेयर जमीन दी है।
यूपी सरकार ने 2030 करोड़ रुपये किसानों को मुआवजे के तौर पर दिए हैं। इस पूरे एक्सप्रेसवे पर हर 25 किलोमीटर पर यात्रियों के लिए रेस्ट हाउस बनाए गए हैं, जिनमें फूड कोर्ट, वॉशरूम और मेडिकल इमरजेंसी जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। वहीं, लोगों की सुरक्षा के लिए 17 वाहनों की हाईटेक फ्लीट तैनात की गई है।
बता दें कि हाईवे के साथ ही यूपी का पहला प्लास्टिक पार्क कई यूनिट्स के साथ शुरू किया गया है, जो 88 एकड़ में बना है। इसकी वजह से हजारों लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, सरकार पूर्वांचल की कृषि अर्थव्यवस्था को देखते हुए अंबेडकरनगर में नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को तैयार करने में जुटी है, जिससे लोगों को फायदा होगा।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस हाईवे के निर्माण से पूर्वांचल के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। इससे प्रदेश की औद्योगिक, कृषि और पर्यटन गतिविधियों को खूब लाभ मिलेगा।
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