Last Updated: October 23, 2026

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भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल Dhiraj Seth को अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया, जानें कब संभालेंगे कमान

June 13, 2026

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल Dhiraj Seth को अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया, जानें कब संभालेंगे कमान

New Army Chief Dhiraj Seth: भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने देश के नए थल सेनाध्यक्ष की नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वह 30 जून 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे और भारतीय सेना की कमान संभालेंगे।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार,  लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा। इस संबंध में मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती द्वारा सभी संबंधित विभागों को आधिकारिक सूचना भेज दी गई है।

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें युद्धक रणनीति, सैन्य संचालन और प्रशासनिक अनुभव का लंबा अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने सैन्य जीवन में देश के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

विशेष रूप से मैकेनाइज्ड वॉरफेयर (टैंक और बख्तरबंद युद्ध) में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। सेना में उनकी छवि एक अनुभवी और दूरदर्शी सैन्य अधिकारी की रही है।

 

 

सेना में कब हुए थे शामिल

धीरज सेठ दिसंबर 1986 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्मर्ड कॉर्प्स (Armoured Corps) में कमीशंड हुए थे। आर्मर्ड कॉर्प्स भारतीय सेना की वह शाखा है जो टैंक और बख्तरबंद वाहनों के संचालन और युद्ध रणनीति से जुड़ी होती है। करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं और अनेक चुनौतीपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया है।

विभिन्न मोर्चों पर संभाली बड़ी जिम्मेदारियां

धीरज सेठ ने देश के अलग-अलग भौगोलिक और सुरक्षा परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में काम किया है। रेगिस्तानी इलाकों में एक आर्मर्ड रेजीमेंट की कमान संभाली। विकसित मैदानी क्षेत्रों में आर्मर्ड ब्रिगेड का नेतृत्व किया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स का नेतृत्व किया। संवेदनशील सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इन जिम्मेदारियों ने उन्हें पारंपरिक युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों दोनों का व्यापक अनुभव दिया।

सुदर्शन चक्र कॉर्प्स का भी कर चुके हैं नेतृत्व

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना की शक्तिशाली सुदर्शन चक्र कॉर्प्स के कमांडर भी रह चुके हैं। यह सेना की महत्वपूर्ण स्ट्राइक फॉर्मेशनों में गिनी जाती है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का नेतृत्व किया।

संयुक्त राष्ट्र मिशन का भी अनुभव

धीरज सेठ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने अंगोला में संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशन में ऑपरेशंस ऑफिसर के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा सेना मुख्यालय में उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया, जिनमें शामिल हैं।

  • सहायक सैन्य सचिव (Assistant Military Secretary)
  • महानिदेशक (अनुशासन, औपचारिक एवं कल्याण)

इन पदों पर रहते हुए उन्होंने सैनिकों के कल्याण, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े अहम फैसलों में योगदान दिया।

वर्तमान में हैं उप-सेना प्रमुख

थल सेनाध्यक्ष बनने से पहले धीरज सेठ भारतीय सेना के उप-सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर कार्यरत हैं। इस भूमिका में वे सेना के आधुनिकीकरण, नई तकनीकों के समावेश, हथियार प्रणालियों के विकास और सैन्य तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। इसलिए उन्हें सेना की वर्तमान जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों की गहरी समझ है।

क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह नियुक्ति?

धीरज सेठ की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत को उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

चीन के साथ सीमा पर तनाव

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ लगातार सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है। लद्दाख और सिक्किम जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में टैंकों और बख्तरबंद वाहनों की भूमिका बढ़ी है। ऐसे में आर्मर्ड कॉर्प्स से आने वाले अधिकारी का सेना प्रमुख बनना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की चुनौती

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों का अनुभव रखने के कारण धीरज सेठ को जमीनी सुरक्षा हालात की अच्छी समझ है। माना जा रहा है कि उनका अनुभव आतंकियों के खिलाफ चल रहे अभियानों को और प्रभावी बना सकता है।

सेना के आधुनिकीकरण को मिल सकती है नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि धीरज सेठ के नेतृत्व में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रमों को नई गति मिल सकती है। उनका अनुभव निम्न क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है।

-आधुनिक टैंक और बख्तरबंद वाहनों का विकास

-नई युद्ध तकनीकों का इस्तेमाल

-सीमा सुरक्षा को मजबूत करना

-थिएटर कमांड व्यवस्था को आगे बढ़ाना

-संयुक्त सैन्य अभियानों को अधिक प्रभावी बनाना

-भारतीय सेना को मिलेगा अनुभवी नेतृत्व

करीब 40 वर्षों के सैन्य अनुभव, युद्धक रणनीति की गहरी समझ, प्रशासनिक दक्षता और अंतरराष्ट्रीय मिशनों में योगदान के कारण लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना के लिए एक मजबूत और अनुभवी नेतृत्वकर्ता माना जा रहा है। 30 जून 2026 को सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद उनके सामने सेना के आधुनिकीकरण, सीमा सुरक्षा और भविष्य की सैन्य चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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