नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक (बाइलेटरल समिट) हुई। बैठक की शुरुआत में PM मोदी ने फिर से साफ शब्दों में कहा कि भारत न्यूट्रल नहीं है, बल्कि शांति के साथ खड़ा है।
PM मोदी ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं के बीच लगातार बातचीत होती रही है। उन्होंने पुतिन को “सच्चा दोस्त” बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा भारत को स्थिति की जानकारी दी है। PM मोदी ने कहा, “भारत का साफ स्टैंड है, हम शांति के पक्ष में हैं।” उन्होंने कहा, “दुनिया को युद्ध नहीं, शांति के रास्ते पर लौटना चाहिए। अगर हम मिलकर काम करें, तो दुनिया को शांति की ओर ले जाया जा सकता है।”उनके अनुसार वर्तमान वैश्विक तनाव के बीच विश्व नेताओं से बातचीत में भी उन्होंने यही संदेश दिया है कि भारत किसी पक्ष में नहीं, बल्कि शांति की हर कोशिश का समर्थन करता है।
#WATCH | In his meeting with Russian President Vladimir Putin, PM Narendra Modi says, “Whenever I had an interaction with the world leaders, in detailed discussions, I always said that India is not neutral. India has a side and that side is of peace. We support all efforts for… pic.twitter.com/mYwZQC3Pk6
— ANI (@ANI) December 5, 2025
पीएम मोदी ने कहा कि रूस भी यूक्रेन के साथ शांतिपूर्ण समझौते के प्रयास में लगा है और भारत इन कोशिशों को सकारात्मक नजर से देखता है। उनका कहना था कि विश्व का हित शांतिपूर्ण समाधान में है।
PM मोदी ने यह भी याद दिलाया कि पुतिन की पहली भारत यात्रा को अब 25 साल हो गए हैं और उस दौरान दोनों देशों ने स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की मजबूत नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि आज का समिट कई महत्वपूर्ण नतीजों के साथ आगे बढ़ रहा है।
Presented a copy of the Gita in Russian to President Putin. The teachings of the Gita give inspiration to millions across the world.@KremlinRussia_E pic.twitter.com/D2zczJXkU2
— Narendra Modi (@narendramodi) December 4, 2025
रूस के राष्ट्रपति गुरुवार को भारत पहुंचे। PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर खुद जाकर गले लगाकर उनका स्वागत किया। दोनों एक ही कार से पीएम के घर गए, जहां मोदी ने पुतिन को भगवद गीता की प्रति उपहार में दी। अपने X पोस्ट में मोदी ने लिखा कि उनकी और पुतिन की “दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है” और चार साल बाद उनका भारत में स्वागत करना बेहद खुशी की बात है।