नेशनल डेस्क : हम सभी अपनी यात्रा को जल्दी और आरामदायक बनाना चाहते हैं, और इसके लिए अक्सर हवाई जहाज का इस्तेमाल करते हैं। जब हम हवाई जहाज से सफर करते हैं तो हमें फ्लाइट के समय से पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होता है ताकि हमारी सुरक्षा जांच की जा सके। इस प्रक्रिया में अक्सर बहुत समय लग जाता है, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक लाइनों में खड़ा होना पड़ता है। लेकिन अब नई दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान ढूंढने जा रहा है। एयरपोर्ट पर फुल बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से सुरक्षा जांच और भी तेज और आसान हो जाएगी। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

फुल बॉडी स्कैनर की विशेषताएं…
आपको बता दें कि यात्रियों की परेशानियों के देखते हुए नई दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान ढूंढने जा रहा है। एयरपोर्ट पर फुल बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से सुरक्षा जांच और भी तेज और आसान हो जाएगी। दरअसल, यह स्कैनर प्रति घंटे 1200 से अधिक लोगों की जांच करने की क्षमता रखते हैं। इससे यात्रियों को जल्दी सुरक्षा जांच की प्रक्रिया से गुजरने का मौका मिलेगा, और लंबी लाइनों की समस्या कम होगी। ये फुल बॉडी स्कैनर दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 और टर्मिनल 3 में लगाए जाएंगे। दोनों टर्मिनलों में दो-दो स्कैनर स्थापित किए जाएंगे। मई महीने में इन स्कैनरों का परीक्षण शुरू किया जाएगा। एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा है कि इन मशीनों के लिए आईटी इंटरफेस तैयार किया जा रहा है, और तीन से चार महीने के परीक्षण के बाद, सुरक्षा समिति इसकी समीक्षा करेगी। फिर, मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) तय की जाएगी, जिसके बाद इन स्कैनरों का पूरा इस्तेमाल शुरू होगा।
यात्रियों की गोपनीयता का ध्यान…
इस नई तकनीक में, स्कैनर “मिलीमीटर-वेव” तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। यह तकनीक न केवल सुरक्षा को बेहतर बनाएगी, बल्कि यात्रियों की गोपनीयता का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इन स्कैनरों की मदद से धातु और गैर-धातु दोनों तरह के खतरों का पता लगाया जा सकेगा, जिनमें विस्फोटक सामग्री भी शामिल हैं। यह पारंपरिक मेटल डिटेक्टरों से कहीं अधिक प्रभावी साबित होगा।
विदेशों में पहले से इस्तेमाल हो रही…
यह फुल बॉडी स्कैनिंग तकनीक पहले से ही अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इस्तेमाल हो रही है। अब इसे दिल्ली एयरपोर्ट पर भी लागू किया जाएगा। प्रत्येक स्कैन में केवल तीन सेकंड का समय लगता है, और प्रति घंटे 1200 यात्रियों की सुरक्षा जांच की जा सकती है। इस तकनीक से यात्रियों की असुविधा कम होगी और सुरक्षा प्रक्रिया भी सख्त होगी। नई फुल बॉडी स्कैनिंग तकनीक से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को और भी प्रभावी और तेज़ बनाया जाएगा। यात्रियों के लिए यह एक सुविधाजनक कदम होगा, क्योंकि इससे लंबी लाइनों में खड़ा होना कम हो जाएगा और सुरक्षा जांच भी उच्च स्तर की होगी।