नेशनल डेस्क. वाराणसी संगीत की शान शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन हो गया है। उन्होंने 89 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। पंडित छन्नूलाल सेप्टीसीमिया नाम की बीमारी से लड़ रहे थे। उन्हें लगभग 3 सप्ताह पहले अटैक भी आया था।

बताया जा रहा है कि गायक पहले वाराणसी स्थित BHU में भर्ती थे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके सीने में इन्फेक्शन और खून की कमी है। उनका करीब 3 हफ्ते तक वहां इलाज चला, जिसके बाद उन्हें वहां से छुट्टी दे दी गई। फिर उनकी बेटी नम्रता मिश्रा उन्हें ओझलापुल स्तित रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय ले गई।
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पद्म विभूषण और पद्म भूषण से हो चुके हैं सम्मानित
पंडित छन्नूलाल मिश्रा का जन्म 3 अगस्त 1936 को आजमगढ़ में हुआ था। कर्मभूमि के तौर पर उन्होंने वाराणसी को चुना। गायक को साल 2020 में पद्म विभूषण, साल 2010 में पद्मभूषण और साल 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं साल 2010 में उन्हें यश भारती पुरस्कार दिया गया, जब साल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिया, तब छन्नूलाल मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे।
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अंतिम संस्कार
छन्नूलाल मिश्र ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन में शीर्ष ग्रेड कलाकार रह चुके हैं। पंडित छन्नूलाल मिश्र संस्कृति मंत्रालय (उत्तर-केंद्रीय) सरकार के सदस्य भी रहे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, पंडित छन्नूलाल मिश्र का अंतिम संस्कार वाराणसी में किया जाएगा.
शास्त्रीय संगीत से मिली नई पहचान
पद्म विभूषण छन्नूलाल मिश्र ने ठुमरी, दादरा, चैती और भजन गायन से हमारे देश को समृद्ध किया। उन्होंने अपनी अद्वितीय शैली से शास्त्रीय संगीत को आमजन तक पहुंचाया। उनके निधन से संगीत जगत में गहरा शोक है।