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‘आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस दिखाए पोलैंड, हमारे पड़ोस में आतंकी ढांचे को न मिले समर्थन’, जयशंकर की दो-टूक

Poland shows zero tolerance towards terrorism

Poland shows zero tolerance towards terrorism

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने आतंकवाद को लेकर भारत का कड़ा रुख साफ शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि पोलैंड को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए और भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने में किसी भी तरह की मदद नहीं करनी चाहिए।

जयशंकर ने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में होने के बावजूद भारत और पोलैंड को एक-दूसरे के नजरिए को समझना और आपस में विचारों का आदान-प्रदान करना जरूरी है।

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दोनों देशों के रिश्ते पारंपरिक रूप से दोस्ताना रहे

पोलैंड के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पारंपरिक रूप से दोस्ताना रहे हैं और हाल के वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और लोगों के बीच संपर्क काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा का भी जिक्र किया, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक पहुंचे। विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों देश एक्शन प्लान 2024-28 की समीक्षा करेंगे, ताकि इस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि बातचीत में व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, क्लीन टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन जैसे अहम मुद्दे शामिल होंगे।

पोलैंड में भारतीय निवेश भी 3 अरब डॉलर से ज्यादा

आर्थिक रिश्तों पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 7 अरब डॉलर का है, जिसमें पिछले दस वर्षों में लगभग 200 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पोलैंड में भारतीय निवेश भी 3 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुका है, जिससे वहां रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने सांस्कृतिक और शैक्षणिक रिश्तों का भी जिक्र किया और कहा कि भारत और पोलैंड के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। महाराजा जाम साहेब से जुड़ी यादों, यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम, पोलैंड में इंडोलॉजी की पढ़ाई और योग की बढ़ती लोकप्रियता का भी उन्होंने उल्लेख किया।

आतंकवाद पर किसी तरह का समझौता नहीं- जयशंकर 

वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों ने अपने-अपने पड़ोस की स्थिति पर भी चर्चा की। यूक्रेन युद्ध पर भारत का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि भारत को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाना गलत और अन्यायपूर्ण है। आतंकवाद पर बात करते हुए जयशंकर ने साफ कहा कि भारत लंबे समय से क्रॉस-बॉर्डर टेररिज़्म की समस्या झेल रहा है और पोलैंड इस सच्चाई से अच्छी तरह वाकिफ है। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

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पोलैंड ने भारत आने के न्योते के लिए धन्यवाद दिया

वहीं, पोलैंड के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर राडोस्लाव सिकोरस्की ने भारत आने के न्योते के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होना उनके लिए खास अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप बनने के बाद यह भारत का उनका पहला दौरा है। सिकोरस्की ने कहा कि भारत और पोलैंड दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में उभरते और सक्रिय देश हैं और दोनों को मिलकर नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के साझा ऐतिहासिक अनुभवों और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया।

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