नेशनल डेस्क : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की दूसरी बैठक आज दिल्ली स्थित पीएम आवास पर शुरू हो गई है। यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा मामलों पर विचार करने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
बैठक में शामिल प्रमुख नेता और अधिकारी
आपको बता दें कि इस उच्चस्तरीय बैठक में कई प्रमुख केंद्रीय मंत्री और सुरक्षा प्रमुख शामिल हैं। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, और विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद हैं। बैठक में सीडीएस जनरल अनील चौहान, एनएसए अजीत डोभाल, नेवी चीफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, और आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल हैं।
बैठक का उद्देश्य और चर्चा के बिंदु
यह बैठक पहलगाम हमले के बाद की स्थिति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई है, जिसमें भारतीय सुरक्षा बलों पर आतंकवादी हमले हुए थे। इस बैठक में सुरक्षा तैयारियों को लेकर गहरी चर्चा की जाएगी, और यह निर्धारित किया जाएगा कि जम्मू-कश्मीर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए क्या और कदम उठाए जाएं। बैठक के दौरान, यह भी तय किया जा सकता है कि सुरक्षा बलों को कैसे और मजबूत किया जाए, और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज किया जाए। इसके अलावा, बैठक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ मौजूदा सुरक्षा रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा। वहीं इस बैठक में शामिल होने के लिए गृह मंत्री अमित शाह पीएम आवास पहुंचे है।
#WATCH | दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास 7 LKM पहुंचे। pic.twitter.com/xRlYIPXFf5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 30, 2025
प्रमुख सुरक्षा मुद्दे
बैठक में जो प्रमुख मुद्दे उठने की संभावना है, उनमें शामिल हैं:
- सुरक्षा बलों की स्थिति – कैसे सुरक्षा बलों को और अधिक संसाधन और समर्थन प्रदान किया जाए ताकि वे आतंकवादियों से प्रभावी तरीके से निपट सकें।
- आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ – आतंकवादी समूहों के नेटवर्क को नष्ट करने के लिए बेहतर खुफिया जानकारी और ऑपरेशनल रणनीतियां अपनाई जाएं।
- आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई – भारत सरकार की ओर से आतंकवादियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के बारे में चर्चा।
- जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति – जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की तैनाती और वहां की सुरक्षा स्थिति को लेकर व्यापक रणनीति बनाना।
बैठक के बाद संभावित निर्णय
इस बैठक के बाद, सरकार द्वारा कुछ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं, जैसे:
-सुरक्षा बलों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की मंजूरी।
-आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय रणनीति में सुधार।
-जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के ऑपरेशंस को तेज करना।
-तकनीकी और सामरिक सहायता को बढ़ाना।
प्रधानमंत्री मोदी और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य इस बैठक के बाद एक ठोस सुरक्षा नीति लागू करने की दिशा में अहम कदम उठा सकते हैं, ताकि आने वाले दिनों में आतंकवाद का मुकाबला और भी प्रभावी तरीके से किया जा सके।

