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‘बिना पूछे मेरा नाम घोषित क्यों किया’, वीर सावरकर अवॉर्ड को लेकर बोले शशि थरूर

Halting executions and Trump decision 'ray of hope'

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नई दिल्ली: कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने बुधवार को कहा कि उन्हें यह पता ही नहीं था कि उन्हें “वीर सावरकर अवॉर्ड” के लिए चुना गया है। यह अवॉर्ड बुधवार को दिल्ली में दिया जाना था। थरूर का कहना है कि आयोजकों ने बिना उनकी जानकारी और सहमति के उनका नाम घोषित कर दिया।

शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा, “मुझे मीडिया से पता चला कि मुझे वीर सावरकर अवॉर्ड के लिए चुना गया है। यह घोषणा आज दिल्ली में होनी थी। कल जब मैं केरल में स्थानीय निकाय चुनाव में वोट डालने गया था, तभी पहली बार मीडिया ने मुझसे इसके बारे में पूछा। मैंने वहीं साफ कर दिया था कि मुझे इस अवॉर्ड के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया और मैंने इसे स्वीकार भी नहीं किया है।”

 


उन्होंने कहा कि ऑर्गनाइज़र्स का बिना पूछे मेरा नाम घोषित करना गैर-जिम्मेदाराना है। थरूर ने आगे कहा कि जब तक उन्हें अवॉर्ड देने वाले संगठन, अवॉर्ड की प्रकृति और दूसरी ज़रूरी जानकारी नहीं मिलती, तब तक वे न तो इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और न ही अवॉर्ड लेंगे।

अवॉर्ड कार्यक्रम की जानकारी

दिल्ली में 10 दिसंबर को वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025 आयोजित किया जा रहा है। इसे हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (HRDS) द्वारा होस्ट किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों और संगठनों को सम्मानित करना है जिन्होंने, राष्ट्रीय विकास, सामाजिक सुधार, और मानव कल्याण के कामों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम NDMC कन्वेंशन हॉल में होगा।

इसमें कई बड़े नेता और प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि होंगे। प्रशासन, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों से भी कई मेहमान मौजूद रहेंगे। यह अवॉर्ड भारत के स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की विरासत से जुड़ा है, जिनके विचार और योगदान आज भी बहस और सामाजिक-राजनीतिक सोच को प्रभावित करते हैं।

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