नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या में आयोजित प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह और राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और साथ ही विपक्षी दलों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
इस पवित्र भूमि को अशांति की जगह बना दिया: सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि आज़ाद भारत में अयोध्या ने राम जन्मभूमि आंदोलन के कई अहम दौर देखे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या का नाम ही बताता है कि यह अयोध्या यानी युद्ध से दूर रहने वाली भूमि है, जहां कोई दुश्मन टिक नहीं सका। लेकिन कुछ लोगों ने लालच, धार्मिक कट्टरता और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण इस पवित्र भूमि को अशांति और झगड़े की जगह बना दिया।
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े तीन ऐतिहासिक पलों को याद किया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार अयोध्या आए और राम जन्मभूमि मंदिर की नींव रखी। 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। 25 नवंबर को मंदिर के 191 फीट ऊंचे शिखर पर भगवा ध्वज फहराया गया, जो मंदिर निर्माण पूरा होने का प्रतीक था।
माता अन्नपूर्णा मंदिर में भावुक हुए राजनाथ सिंह
सीएम योगी ने बताया कि नवंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मिलकर मंदिर के शिखर पर भगवा झंडा फहराया था, जिससे मंदिर निर्माण का काम औपचारिक रूप से पूरा हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने इस आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है और आज मंदिर को देखकर वे बेहद भावुक और गर्व महसूस कर रहे थे। सीएम योगी ने बताया कि प्रतिष्ठा द्वादशी के मौके पर उन्होंने रक्षा मंत्री को माता अन्नपूर्णा मंदिर में झंडा फहराते हुए भावुक होते हुए देखा।
इससे पहले, प्रतिष्ठा द्वादशी पाटोत्सव के दूसरे दिन श्री राम जन्मभूमि मंदिर में कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इनमें यज्ञ, तत्व कलश, तत्व होम, मन्यु सूक्त होम, राम तारक मंत्र होम और अन्य पवित्र विधियां शामिल थीं।गौरतलब है कि राम लला की मूर्ति का अनावरण 22 जनवरी 2024 को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान किया गया था। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में करीब एक घंटे तक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए थे।

