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Murshidabad Violence: 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर, हिंसा में पिता-पुत्र बड़ी बेरहमी से की थी हत्या

June 7, 2025

Murshidabad Violence: 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर, हिंसा में पिता-पुत्र बड़ी बेरहमी से की थी हत्या

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान हुई भीषण हिंसा में एक बुजुर्ग और उनके बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अब पुलिस ने इस मामले में तेजी से जांच करते हुए 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।

क्या हुआ था?
यह घटना शमशेरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेतबोना गांव की है। हिंसा में 74 साल के हरगोबिंद दास और उनके 40 वर्षीय बेटे चंदन दास की निर्मम हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने पहले उनके घर का दरवाजा खटखटाया और जैसे ही बुजुर्ग बाहर आए, उन्हें घसीटकर ले गए और कुल्हाड़ी से वार कर उनकी जान ले ली। जब उनका बेटा बीच-बचाव करने आया, तो उसे भी बेरहमी से मार दिया गया।हमलावर इतने निष्ठुर थे कि जब तक यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि दोनों की मौत हो चुकी है, वे वहां से नहीं हटे। उन्होंने आसपास आग बुझाने की व्यवस्था को भी काट दिया, ताकि इलाके में लगाई गई आग बुझाई न जा सके।

पुलिस की कार्रवाई
60 दिन के भीतर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। 13 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 भी शामिल हैं। अब तक पुलिस 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, और 60 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं।

हाईकोर्ट की जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?
कोलकाता हाईकोर्ट द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया। हिंसा का मास्टरमाइंड स्थानीय टीएमसी नेता महबूब आलम (पूर्व चेयरमैन, धुलियन नगरपालिका) को बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस ने समय पर मदद नहीं की। बेतबोना गांव के 113 घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया।

क्या कहता है यह मामला?
इस पूरी घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अब पुलिस और न्यायपालिका तेजी से कार्रवाई कर रही हैं ताकि हिंसा में शामिल सभी दोषियों को सख्त सजा दी जा सके।

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