नेशनल डेस्क: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र में स्थित बागेश्वर धाम में मंगलवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। यहां दर्शन करने आए एक परिवार की दादी और दो साल का पोता खौलते तेल में गिर जाने से गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद धाम परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
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जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ निवासी हरिओम वैष्णव अपनी मां सरिता देवी और दो साल के बेटे राघव के साथ बागेश्वर धाम दर्शन करने पहुंचे थे। शाम के समय वे मंदिर परिसर के पास एक ठेले पर समोसे खरीदने रुके थे। तभी अचानक दो सांड आपस में लड़ने लगे, जिससे वहां अफरातफरी मच गई और भीड़ में भगदड़ की स्थिति बन गई। इसी दौरान धक्का लगने से सरिता देवी, जो अपने पोते राघव को गोद में लिए थीं, गिर पड़ीं। गिरने पर राघव सीधे खौलते तेल की कड़ाही में जा गिरा। बच्चे को बचाने के लिए सरिता देवी ने तुरंत हाथ डाला, लेकिन इस दौरान उनके दोनों हाथ बुरी तरह जल गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही बागेश्वर धाम के सेवादार तुरंत मौके पर पहुंचेऔर दोनों को एंबुलेंस से छतरपुर जिला अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे और उसकी दादी दोनों को बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।
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घटना की सूचना मिलने पर बमीठा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हादसा सांडों की भिड़ंत और भीड़ के धक्कामुक्की के कारण हुआ। धाम में मौजूद श्रद्धालु इस हादसे से बेहद दुखी हो गए। कई लोगों ने बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की और सेवादारों की तेजी से की गई मदद की सराहना की। यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ दोबारा न हों।
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