वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कुछ ऐसी पोस्ट शेयर कीं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई। ट्रंप ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह ओवल ऑफिस में बैठे नजर आ रहे हैं। उनके साथ कई बड़े NATO नेता मौजूद हैं, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हैं। इस तस्वीर में अमेरिकी झंडे के डिजाइन में कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को भी यूनाइटेड स्टेट्स का हिस्सा दिखाया गया है।
यह भी पढ़ें: ईरानी राष्ट्रपति की चेतावनी; खामेनेई पर हमला पूरे ईरान के खिलाफ युद्ध माना जाएगा
एक दूसरी पोस्ट में ट्रंप अपने वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो के साथ ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा फहराते नजर आए। पास में लगे एक माइलस्टोन पर लिखा था- “Greenland US Territory Est 2026” यानी, ग्रीनलैंड-अमेरिकी क्षेत्र, स्थापना 2026।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को तब तक संभालेगा, जब तक वहां “सुरक्षित, सही और समझदारी भरा बदलाव” नहीं हो जाता। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भी 8 जनवरी को कहा कि अमेरिका वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के संपर्क में है और वहां के अहम फैसलों पर अमेरिका का दबाव बना रहेगा।
ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए। हालांकि, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस सुझाव को सख्ती से खारिज कर दिया। कार्नी ने कहा, “चाहत और हकीकत में फर्क करना ज़रूरी है। कनाडा कभी अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा।” ट्रंप पहले कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को मज़ाक में “कनाडा का गवर्नर” भी कह चुके हैं।

मंगलवार को ट्रंप ने NATO के सेक्रेटरी-जनरल मार्क रूट से फोन पर ग्रीनलैंड को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि यह इलाका अमेरिका और पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। इसी बीच, अमेरिका ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर NORAD (North American Aerospace Defense Command) का एक विमान तैनात करने जा रहा है। NORAD ने बताया कि यह कदम डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ मिलकर उठाया गया है और यह पहले से तय सुरक्षा गतिविधियों का हिस्सा है।
ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर डेनमार्क और यूरोपीय देश ग्रीनलैंड बेचने पर सहमत नहीं होते, तो अमेरिका उन पर भारी टैरिफ लगाएगा। उनकी चेतावनी के मुताबिक 1 फरवरी 2026 से 10% टैरिफ, 1 जून 2026 से 25% टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि यह सब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है और कहा कि ग्रीनलैंड में चीन और रूस की बढ़ती दिलचस्पी ,अमेरिका के लिए खतरा है।
कुल मिलाकर, ट्रंप की इन पोस्टों ने ग्रीनलैंड, कनाडा, वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की मंशा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां ट्रंप इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बता रहे हैं, वहीं कई देश इसे संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़ा गंभीर मुद्दा मान रहे हैं।
यह भी पढ़ें: ‘Greenland’ पहुंचेगा अमेरिकी एयरक्राफ्ट, क्या कब्जे की तैयारी में है ट्रंप! क्यों लिया फैसला? जानें