Site icon Dainik Savera Times

युवा शक्ति और तकनीक के सहारे भारत बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: सीएम योगी

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आने वाले दो सालों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में देश के युवाओं की अहम भूमिका होगी।

योगी आदित्यनाथ का बयान 

मुख्यमंत्री बुधवार को आईआईटी कानपुर में ‘समन्वय’ नामक एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम उद्योग और शिक्षा जगत के बीच संपर्क को बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने बताया कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले दो साल में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, और सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) जैसे विषयों पर चर्चा होगी, जो आज के समय में बहुत जरूरी हैं। इन विषयों पर काम करके भारत और आगे बढ़ सकता है।

 

उन्होंने भारत की पुरानी आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक समय था जब भारत का वैश्विक जीडीपी में 25% योगदान था। लेकिन औपनिवेशिक शासन और अन्य कारणों से भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर होती गई। आजादी के समय तक यह योगदान घटकर सिर्फ 2% रह गया था। हालांकि, पिछले 11 वर्षों में देश ने तेज़ी से विकास किया है और अब भारत फिर से विश्व स्तर पर आर्थिक ताकत बनकर उभर रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बयान

वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चेन्नई में सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि भारत को विकसित बनाने में बैंकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बैंकों को चाहिए कि वे किसानों को सशक्त बनाएं, ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करें और एमएसएमई (छोटे और मझोले उद्योगों) को आगे बढ़ाएं।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि बैंक स्टार्ट-अप्स और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में भी सहयोग कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अब भी भारत को डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट की पहुंच और वित्तीय जागरूकता जैसे क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज बैंकिंग सेवाएं गांवों और दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच रही हैं, लेकिन इन सेवाओं का पूरा लाभ तब मिलेगा जब हर व्यक्ति इन्हें ठीक से समझ और इस्तेमाल कर सके।

Exit mobile version