आज की तेज रफ्तार वाली जिंदगी में लोग अक्सर अनियमित खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण मोटापे की समस्या का सामना करते हैं, जिससे शरीर कई तरह की बीमारियों के प्रति संवेदनशील हो जाता है। Morarji Desai National Institute of Yoga के अनुसार, जीवनशैली को नियमित करने और योगासन अपनाने से इन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। इनमें से एक प्रभावशाली योगासन है कटिचक्रासन।
यह आसन शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। यह कमर को घुमाने वाला योगासन है जो पेट की चर्बी कम करने, पाचन तंत्र को दुरुस्त करने और अतिरिक्त कैलोरी बर्न करने में सहायक होता है। रोजाना 5-10 मिनट इस आसन का अभ्यास करने से कमर लचीली रहती है और वजन नियंत्रित रखना आसान होता है। हालांकि, इसके साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी जरूरी है।
Ministry of AYUSH के अनुसार, कटिचक्रासन का नियमित अभ्यास रीढ़, गर्दन और कंधों की जकड़न को कम करता है, पीठ को मजबूत बनाता है, कमर की चर्बी घटाता है और पेट के अंगों जैसे गुर्दे को सक्रिय रखता है।
कैसे करें कटिचक्रासन:
सीधे खड़े हो जाएं।
सांस भरते हुए दोनों हाथ सामने की ओर लाएं, हथेलियां एक-दूसरे के सामने हों।
सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे कमर से बाईं ओर मुड़ें। दायां हाथ बाएं कंधे पर रखें। बाएं हाथ को पीठ के पीछे से घुमाकर दाईं कमर की ओर लाएं। गर्दन भी बाईं ओर घुमाएं और पीछे देखें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें, सामान्य सांस लेते रहें।
सांस भरते हुए वापस सामने आएं और फिर दाईं ओर भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह जल्दी उठकर योग और हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि करने से न केवल मोटापा कम होता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव होता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारी या हाल ही में सर्जरी करवा चुके मरीजों को इस आसन से परहेज करना चाहिए।

