Lifestyle: आज के दौर में हाई ब्लड प्रेशर यानी बीपी एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो लाखों लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे हमारे दिल, किडनी और दिमाग को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि, दवाइयों के साथ-साथ सही लाइफस्टाइल अपनाना भी बेहद जरूरी है। इसी बीच जापान से एक खास वॉकिंग तकनीक सामने आई है, जो बीपी को नियंत्रित करने में बेहद मददगार साबित हो रही है।
क्या है ये खास जापानी ट्रिक?
जापान के प्रोफेसर हिरोशी नोसे और शिजुए मासुकी ने 2007 में ‘इंटरवल वॉकिंग ट्रेनिंग’ नामक एक प्रभावी तकनीक विकसित की है। यह एक ऐसी वॉकिंग प्रक्रिया है जिसमें तेज और धीमी गति से चलने को एक विशेष पैटर्न में दोहराया जाता है।
इंटरवल वॉकिंग ट्रेनिंग कैसे करें?
तीव्र गति से चलना: सबसे पहले 3 मिनट तक तेज गति से चलें, जिससे आपकी सांसें थोड़ी तेज हों और दिल की धड़कन बढ़े।
धीमी गति से चलना: इसके बाद 3 मिनट तक धीरे-धीरे आराम से चलें।
इस चक्र को पांच बार दोहराएं, यानी कुल मिलाकर 30 मिनट की वॉकिंग जिसमें 15 मिनट तेज और 15 मिनट धीमी चाल में होगी।

कैसे मदद करती है ये वॉकिंग तकनीक?
रिसर्च से पता चला है कि इंटरवल वॉकिंग से रक्त धमनियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं और ब्लड फ्लो बेहतर होता है। इससे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर लगभग 9 mm Hg और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर लगभग 5 mm Hg तक कम हो सकता है। यदि आपका ब्लड प्रेशर कभी-कभी बढ़ जाता है, तो यह तकनीक आपकी मदद कर सकती है।
इसके अलावा क्या फायदे हैं?
फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है।
टांगों की ताकत बढ़ती है, जिससे रोजाना के काम आसानी से पूरे हो पाते हैं।
ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है, जो टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक है।
मूड बेहतर होता है, नींद गहरी आती है और तनाव कम होता है।
शुरुआत कैसे करें?
यदि आप नए हैं तो शुरुआत में केवल 1 मिनट तेज और 3 मिनट धीमी चाल से शुरू करें। धीरे-धीरे इसे 3 मिनट तेज और 3 मिनट धीमी चाल तक बढ़ाएं। ध्यान रखें कि चलने के दौरान आपकी पीठ सीधी हो और नजर आगे की ओर हो। शुरुआत में किसी साथी या ट्रेनर की देखरेख में वॉकिंग करें ताकि सही तकनीक अपनाई जा सके।