नई दिल्ली: भारत में आज भी ज़्यादातर घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। हालांकि कई शहरों में पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन आमतौर पर लोग रसोई गैस सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। अक्सर त्योहारों, पार्टियों या मेहमानों के आने पर ज्यादा खाना बनता है और ऐसे में अचानक गैस खत्म होने की चिंता बनी रहती है।
अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके सिलेंडर में कितनी गैस बची है, तो इसके लिए कुछ आसान तरीके मौजूद हैं। इन तरीकों से आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में अंदाज़ा लगा सकते हैं कि रिफिल बुक करने का समय आ गया है या नहीं।
2 मिनट वाली आसान वॉटर ट्रिक
यह तरीका बेहद सरल है और इसके लिए किसी खास उपकरण की ज़रूरत नहीं पड़ती।
कैसे करें चेक?
एक साफ कपड़े को पानी में भिगोकर अच्छी तरह निचोड़ लें।
उस गीले कपड़े से गैस सिलेंडर की बाहरी सतह को पूरी तरह पोंछ दें।
लगभग 2 मिनट तक इंतज़ार करें।
अब सिलेंडर को ध्यान से देखें।
कैसे समझें नतीजा?
जहां सिलेंडर के अंदर गैस मौजूद होती है, वह हिस्सा अपेक्षाकृत ठंडा रहता है, इसलिए वहां पानी देर से सूखता है। जबकि खाली हिस्सा जल्दी सूख जाता है। इस तरह आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि गैस किस स्तर तक भरी हुई है।
ध्यान दें: यह तरीका केवल अनुमान देने के लिए है, पूरी तरह सटीक माप नहीं बताता।
पानी डालकर जांचने का तरीका
अगर कपड़ा इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो सिलेंडर की साइड में थोड़ा पानी डाल दें। कुछ देर बाद देखें कि कौन-सा हिस्सा जल्दी सूख रहा है। ठंडा हिस्सा गैस के स्तर का संकेत देता है।
वजन से करें सटीक अनुमान
यह तरीका अपेक्षाकृत ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है।
सिलेंडर पर उसका खाली वजन (Tare Weight -TW) लिखा होता है।
भरे सिलेंडर का कुल वजन (Gross Weight) भी दर्ज रहता है।
अगर आपके पास वजन मापने की मशीन है, तो सिलेंडर का वर्तमान वजन करें।
कुल वजन में से खाली वजन घटाएं इससे आपको पता चल जाएगा कि कितनी गैस बची है।
मैग्नेटिक गैस लेवल इंडिकेटर का इस्तेमाल
बाजार में मैग्नेटिक गैस लेवल इंडिकेटर उपलब्ध हैं। इन्हें सिलेंडर की बाहरी सतह पर चिपका दिया जाता है। यह उपकरण तापमान के आधार पर गैस का स्तर दिखाता है। यह तरीका बार-बार पानी लगाने की झंझट से बचाता है।
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सुरक्षा है सबसे जरूरी
गैस सिलेंडर के पास कभी भी आग या चिंगारी लेकर जांच न करें।
किसी भी तरह की गैस की गंध या लीकेज महसूस होने पर तुरंत गैस एजेंसी से संपर्क करें।
सिलेंडर के रेगुलेटर और पाइप की समय-समय पर जांच करवाएं।
डिस्क्लेमर: ऊपर बताए गए तरीके सामान्य जानकारी के लिए हैं और अनुमान लगाने में मदद करते हैं। किसी भी संदेह की स्थिति में अधिकृत गैस एजेंसी से ही संपर्क करें। सुरक्षा के साथ कोई समझौता न करें।

