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हेल्थ टिप्स: बढ़ते स्क्रीन टाइम से राहत दिलाएगी ‘महामुद्रा’, वर्क स्ट्रेस होगा कम

mahamudra benefits reduce screen time stress yoga

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आधुनिक जीवनशैली में बढ़ता वर्क लोड, लंबे समय तक स्क्रीन पर काम और अनियमित दिनचर्या के कारण मानसिक तनाव और शारीरिक थकान आम हो गई है। ऐसे में प्राचीन योग तकनीक महामुद्रा एक असरदार अभ्यास के रूप में सामने आती है, जो शरीर को मजबूती देने के साथ-साथ स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

योग ग्रंथों में महामुद्रा को ‘अमृत का सोपान’ कहा गया है, जिसका अर्थ है कि यह अभ्यास शरीर के विषैले तत्वों को निकालकर नई ऊर्जा से भर देता है। ‘महामुद्रा’ एक संस्कृत शब्द से बना है। ‘महा’ का अर्थ है महान और ‘मुद्रा’ का अर्थ है वह स्थिति जो आनंद दे।

आयुष मंत्रालय और योगिक परंपराओं के अनुसार, महामुद्रा एक उन्नत हठयोग अभ्यास है, जो मानसिक शांति, शारीरिक ऊर्जा के संतुलन और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। यह तनाव कम करने, रक्त परिसंचरण में सुधार में सहायक मानी जाती है।

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यह मुद्रा स्वाधिष्ठान चक्र को सक्रिय करती है, जिससे शरीर और मन की थकान दूर होती है। इसके अभ्यास से अपान वायु (पांच मुख्य प्राणों में से एक है, जो नाभि के नीचे ‘पेल्विक क्षेत्र’ में स्थित होती है) नियंत्रित रहती है, जो शरीर में सुप्त कुंडलिनी को जागृत करने में मदद करती है।

इसे करना बेहद आसान है, हालांकि शुरुआती साधक के लिए थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन नियमित करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में आराम से बैठ जाएं। अब दोनों पैर आगे की ओर फैलाएं। दाएं को मोड़कर एड़ी को पेरिनियम (गुदा और जननेंद्रिय के बीच) के पास रखें। बाएं पैर को सीधा रखें। गहरी सांस लें और सांस रोककर (कुंभक) आगे झुकें।

दोनों हाथों से बाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें। सिर को घुटने की ओर लाएं। मूलबंध (पेल्विक फ्लोर को सिकोड़ना) और जालंधर बंध (ठोड़ी को छाती से लगाना) लगाएं। कुछ सेकंड रुकें, फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य हो जाएं। दूसरे पैर से भी दोहराएं। शुरुआत में 3-5 बार करें, धीरे-धीरे बढ़ाएं।

पीठ या रीढ़ की समस्या हो तो इस आसन को करने से पहले डॉक्टर या योग गुरु की सलाह लें। गर्भवती महिलाएं और उच्च रक्तचाप वाले लोग बिना विशेषज्ञ के परामर्श के न करें।

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