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मोमोज-चाऊमीन से डायबिटीज का खतरा, दिल की सेहत पर भी पड़ता है असर

नई दिल्ली: आजकल फास्ट फूड लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। भूख लगने पर मोमोज, चाऊमीन, पिज्जा और बर्गर जैसी चीजें आसानी से खा ली जाती हैं। स्वाद में भले ही ये लुभावनी हों, लेकिन सेहत के लिए यह बड़ा खतरा बन सकती हैं। हालिया रिसर्च में सामने आया है कि जिन इलाकों में फास्ट फूड की दुकानें आसानी से उपलब्ध हैं, वहां रहने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे का खतरा ज्यादा होता है। यह अध्ययन चेन्नई के कई इलाकों में किया गया, जिसके नतीजे चिंताजनक हैं। रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों के घर से 400 मीटर के दायरे में फास्ट फूड स्टॉल हैं, वे बार-बार बाहर का खाना खाते हैं।

इससे घर का पौष्टिक भोजन कम हो जाता है, शरीर में फैट जमा होने लगता है और ब्लड शुगर असंतुलित हो जाता है। मोमोज और चाऊमीन में मौजूद मैदा ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टैंस और डायबिटीज की शुरूआत हो सकती है। ज्यादा तेल और नमक से दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रैशर का खतरा भी बढ़ता है। रिसर्च में यह भी पाया गया कि स्कूल-कॉलेज के पास फास्ट फूड स्टॉल होने से बच्चों और युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। कम उम्र में ही इंसुलिन रेजिस्टैंस और डायबिटीज का खतरा पैदा हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बचाव के लिए फास्ट फूड का सेवन सीमित करना, घर का पौष्टिक भोजन करना, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।

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