Site icon Dainik Savera Times

गर्मी में कौन-सी आदतें बढ़ा सकती हैं हीट स्ट्रोक का खतरा? जानें कैसे करें बचाव

Heatstroke

Heatstroke

लाइफस्टाइल डेस्क : देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। ऐसे मौसम में लापरवाही शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता, और यह स्थिति समय पर ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है।

किन गलतियों से बढ़ता है जोखिम?

गर्मियों में सबसे बड़ी गलती लंबे समय तक तेज धूप में बिना जरूरत के बाहर रहना है। इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। कई लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते, जो स्थिति को और बिगाड़ देता है।

इसके अलावा खाली पेट घर से निकलना, बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करना और शरीर को आराम न देना भी हीट स्ट्रोक की संभावना बढ़ा देता है। कुछ लोग गर्म मौसम में भी भारी या टाइट कपड़े पहनते हैं, जिससे शरीर को ठंडा होने में दिक्कत होती है।

एक और आम गलती यह है कि धूप से लौटने के तुरंत बाद बहुत ठंडी चीजों का सेवन कर लेना या अचानक तापमान में बदलाव कर देना, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। पहले से बीपी, डायबिटीज या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों में जोखिम और अधिक होता है।

किन लक्षणों को गंभीरता से लें?

हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी और उल्टी शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में शरीर का अत्यधिक गर्म होना, भ्रम की स्थिति और सांस लेने में कठिनाई भी देखी जाती है।

यदि किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी, तेज दिल की धड़कन या पसीना बंद होने जैसी स्थिति महसूस हो, तो यह आपातकालीन स्थिति हो सकती है और तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

बचाव कैसे करें?

गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन बेहद जरूरी है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और हल्के, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए। घर से बाहर जाते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें। कोशिश करें कि ज्यादा देर धूप में न रहें और बीच-बीच में आराम करते रहें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें, क्योंकि गर्मी का असर उन पर जल्दी पड़ सकता है। समय रहते सावधानी बरतकर हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।

Exit mobile version