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उत्थित पद्मासन से पाएं मजबूत हाथ-कंधे और मांसपेशियां, छात्रों के लिए असरदार योग

Utthit Padmasana Benefits

Utthit Padmasana Benefits

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहने का आसान तरीका योग है। योगासन न केवल शरीर को बल्कि मन को भी संतुलित रखते हैं। ऐसे ही एक शक्तिशाली योगासन है उत्थित पद्मासन, जिसका रोजाना अभ्यास करने से कई शारीरिक और मानसिक फायदे मिलते हैं।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह योगासन योग, अनुशासन और शारीरिक-मानसिक सामर्थ्य को बढ़ाने का एक शानदार मार्ग है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, एकाग्रता बढ़ती है और आंतरिक ऊर्जा जागृत होती है।

उत्थित पद्मासन कैसे करें:

सबसे पहले पद्मासन में बैठें, जिसमें एक पैर दूसरी जांघ पर और दूसरा पैर पहली जांघ पर रखा जाता है।

दोनों हाथों को शरीर के पास जमीन पर रखें, हथेलियां नीचे की ओर।

गहरी सांस लेते हुए हाथों पर शरीर का पूरा भार डालें और धीरे-धीरे शरीर को जमीन से ऊपर उठाएँ।

गर्दन और सिर को सीधा रखें, नजरें सामने या थोड़ा नीचे की ओर।

जितना संभव हो उतना समय मुद्रा में बने रहें और सांस सामान्य रखें।

धीरे-धीरे वापस शुरूआती स्थिति में आएँ।

उत्थित पद्मासन के लाभ:

हाथ, कलाई, कंधे और कोर मसल्स मजबूत बनाना

पेट की मांसपेशियों को टोन करना, पाचन क्रिया सुधारना और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत

संतुलन और एकाग्रता बढ़ाना

तनाव कम करना

छाती, कंधे और हाथों में रक्त संचार बेहतर बनाना

मेटाबॉलिज्म और प्राण ऊर्जा को सुचारू रूप से सक्रिय रखना

छात्रों के लिए एकाग्रता बढ़ाकर पढ़ाई में मदद

सावधानी: घुटने, कूल्हे या कलाई में कोई समस्या होने पर अभ्यास से पहले डॉक्टर या योग गुरु की सलाह जरूर लें।

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