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निजी स्कूलों पर कार्रवाई, 1107 ब्लैक लिस्ट, विरोध में स्कूल संघ

1107-blacklisted-school-unions-protest

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1107 blacklisted, school unions protest : फरीदाबाद। प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं देने और नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। प्रदेश के 1107 निजी स्कूलों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

स्कूलों पर नियमों के उल्लंघन के आरोप

इन स्कूलों पर आरोप है कि इन्होंने आरटीई के तहत निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। जरूरी दस्तावेज भी जमा नहीं कराए। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों की ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया रोक दी है और आगे मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई शुरू कर दी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम देश के प्रत्येक 6 से 14 वर्ष के बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है। इस कानून की धारा 12(1)(c) के अनुसार निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को प्रवेश स्तर की कक्षा में कम से कम 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग (DG) के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं। ऐसे बच्चों की फीस का भुगतान सरकार करती है। इसलिए किसी भी पात्र बच्चे को केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता।

RTE उल्लंघन पर बड़ा एक्शन

सरकार हर वर्ष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आरटीई दाखिले की प्रक्रिया चलाती है। स्कूलों को पहले अपनी सीटों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करना होता है। इसके बाद पात्र अभिभावक आवेदन करते हैं, ऑनलाइन ड्रॉ निकाला जाता है और चयनित बच्चों को संबंधित स्कूल में प्रवेश दिया जाता है। यदि कोई स्कूल आरटीई के तहत सीट घोषित नहीं करता, प्रवेश देने से इनकार करता है या निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ शिक्षा विभाग कार्रवाई कर सकता है। जांच में पता लगा कि 22 जिलों के 1107 निजी स्कूल मान्यता संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके और आरटीई नियमों के पालन में भी गंभीर खामियां मिलीं। इसके बाद सरकार ने इन स्कूलों को ब्लैकलिस्ट कर दिया। सरकार ने इनकी नई एडमिशन लेने की शक्ति समाप्त कर दी, ऑनलाइन एमआईएस पोर्टल तक पहुंच रोक दी गई और अब मान्यता रद्द करने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्कूल बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

कैथल-गुरुग्राम सबसे ज्यादा प्रभावित

शिक्षा विभाग के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित स्कूल कैथल, गुरुग्राम और हिसार जिलों में हैं। फरीदाबाद जिले के भी करीब 70 निजी स्कूल इस कार्रवाई की जद में आए हैं। फरीदाबाद के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लों ने बताया कि “जिन स्कूलों की लिस्ट जारी हुई है। उन स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। उन स्कूलों से दाखिले का पावर छीन लिया गया है। इसके साथी उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ये भी सुनिश्चित करने में लगा है कि इन ब्लैक लिस्ट स्कूलों में कोई छात्र नामांकन ना करवाये। इसके अलावा इन स्कूलों में जिन छात्रों ने एडमिशन ले लिया है। उनको लेकर भी शिक्षा विभाग विचार कर रहा है।

निजी स्कूल संघ ने उठाए सवाल

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने इस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निजी स्कूल RTE के विरोध में नहीं हैं और अधिकतर स्कूल नियमों का पालन करते हैं। कई मामलों में ऑनलाइन पोर्टल, दस्तावेजों के सत्यापन और सीट आवंटन की प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण प्रवेश पूरा नहीं हो सका। सरकार वर्षों से RTE के तहत फीस प्रतिपूर्ति का भुगतान समय पर नहीं कर रही, जिससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

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