Site icon Dainik Savera Times

पेट के कीड़े मारने वाली दवा बनी आफत, खाने से 150 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में करवाने पड़े भर्ती

Farrukhabad National Deworming Day

Farrukhabad National Deworming Day

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर पेट के कीड़े खत्म करने के लिए बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा दी गई, लेकिन एक स्कूल में दवा खाने के बाद करीब 150 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल में हड़कंप मच गया। तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई और एंबुलेंस बुलाई गईं।

जानकारी के अनुसार, यह मामला जहानगंज क्षेत्र के गांव रठौरा मोहद्दीनपुर स्थित जवाहरलाल प्रेमा देवी जूनियर हाईस्कूल का है। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल प्रबंधक फूलसिंह ने बैच नंबर 040625बीयूपी35 के पैकेट से 150 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई। दवा की एक्सपायरी डेट मई 2028 बताई गई है। अभियान के तहत दो साल से अधिक उम्र के बच्चों को एक-एक गोली और एक साल के बच्चों को आधी गोली दी गई।

दवा खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों ने उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत शुरू कर दी। कुछ बच्चों की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर स्कूल प्रशासन ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग को सूचना दी। इसके बाद 102 और 108 सेवाओं की कुल 10 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। 33 बच्चों को कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 68 बच्चों को डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। बाकी बच्चे हल्की परेशानी के बाद अपने घर चले गए।

अस्पताल में इलाज शुरू होते ही ज्यादातर बच्चों की हालत एक घंटे के भीतर सामान्य हो गई। हालांकि सात बच्चों की हालत पर नजर रखने के लिए उन्हें भर्ती किया गया है। अन्य बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार और जिला विकास अधिकारी श्याम तिवारी अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और मोहम्मदाबाद के क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा भी कमालगंज अस्पताल पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि अभियान की शुरुआत उन्होंने स्वयं दवा खाकर की थी। उनके अनुसार एल्बेंडाजोल की दवा लेने के बाद कुछ बच्चों को हल्का चक्कर आना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ बच्चे दवा खाने के बाद घबरा गए थे, लेकिन इलाज के बाद सभी की हालत अब सामान्य है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।

Exit mobile version