पटना। बिहार में खरीफ फसलों की खेती की तैयारी शुरू हो गई है। कृषि विभाग लगातार उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। कृषि मंत्री विजय कुमार ने कृषि भवन में विभागीय समीक्षा बैठक की।
अब तक ये भंडार कराया उपलब्ध
इसमें खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता, वितरण और कालाबाजारी रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ खेती के लिए राज्य में 2.40 लाख टन यूरिया, एक लाख टन डीएपी, 1.25 लाख टन एनपीके और 0.55 लाख टन एसएसपी की आवश्यकता है। इसके मुकाबले 3 जून तक राज्य में 3.76 लाख टन यूरिया, 1.54 लाख टन डीएपी, 2.38 लाख टन एनपीके और 1.17 लाख टन एसएसपी का भंडार उपलब्ध है।
अब तक की ये कार्रवाई
सरकार का दावा है कि किसानों को उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ विभाग ने सख्ती दिखाई है। 3 जून तक राज्यभर में खाद बिक्री में अनियमितता के मामलों में 29 विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले 208 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी रद कर दिए गए हैं।
अब तक 5 लाइसेंस कैंसल
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार उर्वरकों का आवंटन स्थानीय जरूरत और खेती के रकबे के अनुसार किया जाए। साथ ही दुकानों में मशीन पर प्रदर्शित स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पूर्वी चंपारण में 323 खाद दुकानों की जांच की गई, जिनमें 18 दुकानों में अनियमितता पाई गई। इन मामलों में 8 दुकानदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और 5 लाइसेंस रद किए गए।
विभाग ने की 343 दुकानों की जांच
पश्चिम चंपारण में 343 दुकानों की जांच के दौरान 25 दुकानों में गड़बड़ी मिली, जहां एक प्राथमिकी दर्ज की गई और 3 लाइसेंस रद किए गए। सीतामढ़ी जिले में 590 दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 46 दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं। इन मामलों में 2 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 7 दुकानों के लाइसेंस रद कर दिए गए। कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और उचित दर पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है तथा इसके लिए निगरानी अभियान लगातार जारी रहेगा।
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