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देसी शराब पीने से 3 लोगों की मौत, जांच में जुटा प्रशासन

Meerut Liquor case

Meerut Liquor case

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दुखद और संदिग्ध मामला सामने आया है, जहां देसी शराब पीने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, यह घटना दौराला थाना क्षेत्र की सरस्वती कॉलोनी की है। यहां रहने वाले बाबूराम (60), उनकी किराना दुकान पर काम करने वाले जितेंद्र (35) और अंकित उर्फ दौलत (40) शुक्रवार शाम कस्बे के एक सरकारी देसी शराब के ठेके पर गए थे। तीनों ने वहीं से शराब खरीदी और उसका सेवन किया।

शराब पीने के बाद बिगड़ी हालत

बताया जा रहा है कि शराब पीने के कुछ ही समय बाद तीनों की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद जितेंद्र और अंकित को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाबूराम की इलाज के दौरान मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर, जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय और जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी।

जांच में क्या आया सामने?

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में शराब के जहरीले होने या उसकी एक्सपायरी डेट निकल जाने जैसी कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई है। संबंधित शराब के पाउच पर पैकेजिंग की तारीख 11 फरवरी 2026 दर्ज है। इसी खेप के अन्य पैकेट भी बाजार में बेचे गए हैं, लेकिन कहीं और से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और विसरा सुरक्षित रखा गया है।

चार टीमों को सौंपी गई जांच

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जिनमें स्वास्थ्य विभाग, फॉरेंसिक टीम, सर्विलांस और गोपनीय शाखा शामिल हैं। ये सभी टीमें अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।

परिजनों का हंगामा

घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया और भरोसा दिलाया कि जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।

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