हरियाणा डेस्क: अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रहने वाले भारतीयों के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इस अभियान के तहत हरियाणा के 50 युवकों को बेड़ियों में बांधकर अमेरिका से भारत भेजा गया। सभी को दिल्ली एयरपोर्ट पर अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने भारतीय पुलिस के हवाले किया।
दिल्ली पहुंचने पर स्थानीय पुलिस ने उनके जिलों की पुलिस को सूचना दी। बाद में सभी को सत्यापन के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया। हालांकि, जांच में कैथल जिले के तारागढ़ गांव के नरेश कुमार के खिलाफ दो पुराने केस मिले, जिनमें एक शराब तस्करी और दूसरा चेक बाउंस का है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
3 नवंबर को आ सकती है अगली फ्लाइट
सूत्रों के अनुसार, 3 नवंबर को अमेरिका से एक और फ्लाइट भारत भेजी जा सकती है, जिसमें अवैध रूप से रह रहे और भी भारतीय होंगे। इनमें से कई हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके दस्तावेजों की जांच अमेरिकी पुलिस कर रही है।
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पहली खेप में लौटे 50 लोगों में सबसे ज्यादा करनाल जिले के 16 और कैथल जिले के 14 युवक शामिल हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र के 5, जींद के 3 और बाकी अन्य जिलों के लोग हैं। जींद जिले से लौटने वालों में भैरव खेड़ा गांव के अजय, पड़ोसी गांव के लभजोत सिंह और नवीन शामिल हैं। लभजोत और नवीन डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचे, जबकि अजय कनाडा के वैध वीजा से पहुंचने के बाद अधूरे दस्तावेजों के सहारे अमेरिका चला गया था।
अब तक 654 हरियाणवी युवक अमेरिका से डिपोर्ट
अमेरिकी सरकार इससे पहले भी इसी तरह की कार्रवाई कर चुकी है। जनवरी से जुलाई 2025 के बीच 604 हरियाणा निवासी अमेरिका से डिपोर्ट किए गए थे। इस नई कार्रवाई के बाद यह संख्या 654 तक पहुंच गई है। कई युवाओं को हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़कर अमेरिकी सेना के विमान से भारत भेजा गया।
सुरजेवाला का सरकार पर निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले पर सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर लिखा- अमेरिका से लौटे ये 50 हरियाणवी नौजवान भाजपा सरकार की नीतियों की विफलता का प्रमाण हैं। ये हमारे युवाओं की बेबसी और टूटे हुए सपनों की तस्वीर है। हरियाणा के मुख्यमंत्री धन्यवाद रैलियों में व्यस्त हैं, जबकि प्रदेश के नौजवान बेड़ियों में लौट रहे हैं। किसी ने घर बेचा, किसी ने कर्जा लिया, लेकिन अंत में मिला सिर्फ अपमान और पीड़ा।
सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा कि पीएम रोजगार की जगह रील बनाने को नौकरी बता रहे हैं जबकि असल में युवाओं को रोजगार के बजाय विदेशों में जिल्लत झेलनी पड़ रही है।
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क्या है डंकी रूट?
‘डंकी रूट’ उस अवैध रास्ते को कहा जाता है, जिसके ज़रिए लोग बिना वैध वीजा के किसी दूसरे देश में दाखिल होते हैं। इसमें अक्सर एजेंट लोग युवाओं से लाखों रुपये लेकर उन्हें खतरनाक रास्तों से अमेरिका या यूरोप भेजते हैं। यात्रा के दौरान कई बार लोगों की जान तक चली जाती है और पकड़े जाने पर सालों जेल में रहना पड़ता है या फिर डिपोर्ट कर दिया जाता है।

