6 convicts get life imprisonment : इंदौर। इंदौर शहर के 8 साल पुराने चर्चित भावना नगर ऑनर किलिंग मामले में इंदौर की विशेष एससी/एसटी न्यायालय ने 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत सभी आरोपितों को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए कठोर दंड से दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश और अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्र की अदालत आरोपित अरुण भालसे, शिवराम भालसे, राहुल पंवार, सोनू दांगे, राजेश मोये और विशाल खेडेकर को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और धारा 307 के तहत 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन मीडिया प्रभारी एवं उप संचालक राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि भावना नगर निवासी रिंकी भालसे 2018 में तेजकरण भालसे से प्रेम विवाह किया था। इसी बात को लेकर रिंकी के परिजन नाराज थे। आरोपितों ने 26 जुलाई 2018 को तेजकरण को घर के नीचे बुलाया और बहन को भगाकर शादी करने की बात को लेकर विवाद किया। इसके बाद आरोपितों ने तेजकरण और उसके मित्र मोनू पर चाकुओं और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल तेजकरण को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं मोनू गंभीर रूप से घायल हो गया था।
अभियोजन प्रभारी भदौरिया के अनुसार, मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मृतक की पत्नी रिंकी भालसे और घायल गवाह मोनूराव न्यायालय में अपने पूर्व बयानों से मुकर गए और अभियोजन का समर्थन नहीं किया। यहां तक कि घायल मोनू ने आरोपितों की पहचान करने से भी इनकार कर दिया। इसके बावजूद आरती भदौरिया (एडीपीओ) ने अन्य प्रत्यक्षदर्शी गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। अदालत ने अन्य चश्मदीद गवाहों की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए अभियोजन के तर्कों को स्वीकार किया और सभी आरोपितों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने माना कि आरोपितों ने न केवल तेजकरण की हत्या की, बल्कि मोनू की भी हत्या करने का प्रयास किया था। इसी आधार पर आरोपितों को हत्या के साथ-साथ हत्या के प्रयास के अपराध में भी दोष सिद्ध हुआ ।
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