8 arrested in Ram Mandir donation case : अयोध्या। राम मंदिर दानपात्र में गबन के मामले में 8 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शीर्ष पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं शामिल
अब इनसे उच्चाधिकारियों की ओर से पूछताछ की जा रही है। बता दें कि इसमें ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। FIR में रामशंकर यादव टिन्नू, ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र, इसका बहनोई लवकुश मिश्र, टिन्नू का भतीजा मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव का नाम शामिल है। शुक्रवार सुबह 11 बजे दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद रामलला के दर्शन करने पहुंच गए हैं। राम मंदिर के दानपात्रों की धनराशि में गबन किए जाने के मामले में 20 दिन बाद योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एफआरआर दर्ज करा दी गई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार शाम रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद व अन्य अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विपक्षियों का दोषियों को बचाने का आरोप
इस मामले में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने दोषियों की बचाने के आरोप लगाते हुए भाजपा को घेरा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एफआइआर करने से पहले सबूत साफ करने की आशंका जताते हुए सवाल उठाए हैं। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि उनकी पार्टी के लगातार आवाज उठाने के कारण एफआइआर की गई है। सपा प्रमुख ने गुरुवार को एक्स पर लिखा कि भाजपा राज में नाइंसाफी की दिखेगी ये झांकी, फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफी! जनता कह रही है कि पहले एसआइटी के बहाने सारे सबूत साफ कर दिए गए होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है, उसके बाद एफआइआर हो रही है।

