नेशनल डेस्क: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत की खबर सामने आने के बाद देश-विदेश में हलचल मच गई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि शनिवार को राजधानी तेहरान में उनके कार्यालय को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे ईरान को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सरकार ने अयातुल्ला खामनेई के निधन पर 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। साथ ही सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया गया है। देशभर में सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं और धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जा रही हैं। कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर शोक जता रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर हालात तनावपूर्ण भी बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं और कई देशों ने चिंता व्यक्त की है।
इधर भारत की राजधानी दिल्ली में भी इस घटना को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। जंतर-मंतर पर आज दोपहर तीन बजे ऑल इंडिया शिया काउंसिल ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे इस हमले की निंदा करेंगे और खामनेई को श्रद्धांजलि देंगे। शाम के समय कैंडल मार्च निकालने की भी तैयारी की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
दिल्ली के अलावा लखनऊ और श्रीनगर जैसे शहरों में भी शिया समुदाय के लोग शोक सभा और विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए समुदाय के लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं और हमले के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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