Bihar News : बिहार हमेशा ही अपने कारनामों के लकर सुर्खियों में बना रहता है। वहीं, राज्य की व्यवस्था को लेकर अकसर सवाल उठते ही रहते हैं। इसी बीच एक ताजा मामला सामने आया है। जहां, बिहार सरकार ने साल 2025-26 के लिए विकास कार्यों पर 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पास किया है। इसमें सड़क निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत जहानाबाद जिले में पटना-गया रोड को चौड़ा करने का काम किया गया, जिसकी लागत करीब 100 करोड़ रुपये है। इस सड़क के निर्माण के बाद लोग तब चौंक गए जब उन्होंने देखा कि सड़क के बीचों-बीच कई बड़े-बड़े पेड़ खड़े हैं। कुछ पेड़ सीधी लाइन में हैं तो कुछ इधर-उधर बिखरे हुए हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर वीडियो और फोटो शेयर करते हुए सवाल उठाए कि ऐसे पेड़ों की वजह से वाहन चालकों को खतरा हो सकता है।
पेड़ों की वजह से गाड़ियों को करना पड़ता है जोखिम का सामना
पेड़ सड़क के बीचों-बीच हैं, इसलिए वाहन चालकों को बार-बार टेढ़ा-मेढ़ा रास्ता बनाकर गाड़ी चलानी पड़ती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, खासकर रात में जब विजिबिलिटी कम होती है।
डीएम ने क्या कहा?
जहानाबाद की डीएम अलंकृता पांडे ने बताया कि सड़क का निर्माण हाल ही में हुआ है और अब तक किसी भी तरह की दुर्घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यह सड़क वन विभाग की जमीन से होकर गुजरती है। पेड़ हटाने के लिए वन विभाग से मंजूरी मांगी गई थी।
बिना मंजूरी शुरू कर दिया गया निर्माण कार्य
डीएम ने यह भी स्वीकार किया कि जब तक पेड़ हटाने की अनुमति नहीं मिली थी, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाना चाहिए था। लेकिन संबंधित निर्माण एजेंसी ने मंजूरी का इंतजार किए बिना ही सड़क बना दी।
फिलहाल लगाए गए हैं बैरिकेड
प्रशासन ने बताया कि जहां पेड़ खड़े हैं, वहां बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि वाहन चालक सावधानी से वहां से गुजर सकें। साथ ही, अब आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि इन पेड़ों को हटाया जा सके और सड़क पूरी तरह सुरक्षित बन सके।
लापरवाही पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी योजना में इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है। लोगों का कहना है कि पेड़ हटाने की प्रक्रिया पूरी किए बिना सड़क का निर्माण शुरू करना लापरवाही का साफ उदाहरण है।
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