Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

फेसबुक पोस्‍ट पर इमोजी बना मौत की वजह… मचा ऐसा बवाल, जानें क्या है पूरा मामला

September 24, 2025

फेसबुक पोस्‍ट पर इमोजी बना मौत की वजह… मचा ऐसा बवाल, जानें क्या है पूरा मामला

राजकोट/कैमूर: एक मामूली सी फेसबुक स्टोरी पर भेजी गई “हंसने वाली” इमोजी ने 20 साल के प्रिंस कुमार की जान ले ली। बता दें कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह विवाद इतना बड़ा बन गया कि बात चाकूबाजी और हत्या तक पहुंच गई। यह दर्दनाक घटना गुजरात के राजकोट की है, जहां बिहार के कैमूर जिले से काम करने आए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

जानें क्या है पूरा मामला?

प्रिंस कुमार, कैमूर जिले के पुरुषोत्तमपुर गांव का निवासी था और राजकोट की एक फैक्ट्री में अपने तीन चचेरे भाइयों के साथ काम करता था। करीब चार महीने पहले प्रिंस के दादा रूपनारायण भिंड का निधन हुआ था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक श्रद्धांजलि स्वरूप स्टोरी पोस्ट की। उसी गांव के युवक बिपिनकुमार गोंड ने उस स्टोरी पर हंसने वाला इमोजी भेजा, जो प्रिंस को बेहद आपत्तिजनक लगा।

इस मामूली से डिजिटल इशारे ने दोनों के बीच बहस को जन्म दिया। फोन पर कई बार कहासुनी हुई और फिर 12 सितंबर की रात यह विवाद हिंसा में बदल गया।

फैक्ट्री के बाहर हमला

एफआईआर के अनुसार, प्रिंस रात 12:30 बजे फैक्ट्री के बाहर एक ऑटो में बैठा था। तभी उसने देखा कि बिपिन उसकी ओर बढ़ रहा है। खतरा भांपते हुए वह लौटने लगा, लेकिन रास्ते में दूसरा युवक बृजेश गोंड सामने आ गया और उसे रोककर धमकाने लगा। तभी पीछे से बिपिन ने चाकू से हमला कर दिया। चाकू की चोट करीब 2 इंच गहरी थी और पीठ पर लगी थी।

इलाज के दौरान बिगड़ी हालत

घायल अवस्था में उसे तुरंत पास के एक निजी अस्पताल और फिर राजकोट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों में डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई थी, लेकिन धीरे-धीरे उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई। चार दिन पहले उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां 22 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

पुलिस कार्रवाई और केस में नया मोड़

हमले के तुरंत बाद प्रिंस ने खुद अस्पताल में पुलिस को बयान देकर एफआईआर दर्ज कराई थी। शुरू में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सामान्य धाराएं लगाईं जैसे जानबूझकर चोट पहुंचाना (धारा 118), धमकी देना (धारा 351) और अवैध हथियार रखना (गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135)। इन धाराओं में सात साल से कम सजा का प्रावधान है, इसलिए आरोपियों को समन भेजकर बुलाया गया।

लेकिन प्रिंस की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब एफआईआर में BNS की धारा 103(1) हत्या जोड़ी गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी बिपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी बृजेश गोंड अभी फरार है।

पुलिस और डॉक्टरों के ब्यान

भक्ति नगर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एम एम सरवैया के अनुसार, “प्रिंस की चोट गहरी तो थी, लेकिन शुरुआत में वह पूरी तरह होश में था और बयान दे सका था। अब जब मामला हत्या का बन चुका है, जांच की दिशा भी बदल गई है।”

राजकोट सिविल अस्पताल की शॉर्ट रिपोर्ट में मौत का कारण चाकू से लगी चोट बताई गई है, लेकिन इसमें संक्रमण की आशंका भी जताई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि मौत किस कारण से हुई।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें