Anshika Murder Case : हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले उप तहसील जोल के गांव बैरियां में 24 वर्षीय अंशिका ठाकुर की शादी के एक दिन पहले हुई निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झझंकोर कर रख दिया है। अर्धजली हालत में मिले अंशिका का शव ने केवल समाज की संवेदनाओं को हिला दिया, बल्कि हमारी न्याय व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी गहरे सवाल खड़े कर गया है। यह कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि ऐसा जघन्य कृत्य है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। ग्राम पंचायत प्रधान बैरियां सुखदेव सिंह, उप प्रधान रस्ताक मोहम्मद, माता सुरेंद्रा कुमारी, ताया पूर्ण भगत, पंचायत सदस्य ऐमना बीबी, संजीव कुमार, शोभा देवी, ग्रामीण राजकुमार ठाकुर, भाग सिंह, पूर्व प्रधान बलबीर सिंह, सुरेंद्र कुमार, कांता देवी उषा देवी ने कड़े शब्दों में कहा है कि अंशिका के हथियारों को फौरन फांसी की सजा दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक ऐसे दरिंदों को तुरंत और कठोर दंड नहीं मिलेगा। तब तक समाज में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।
पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने दी चेतावनी
पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इस मामले में कोई नरमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार और न्यायपालिका से मांग की है कि इस केस को फास्ट-ट्रेक कोट में सुनवाई कर अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। उनका कहना है कि बेटियों की सुरक्षा केवल नारों और वादो से नहीं होती। इसके लिए कठोर और त्वरित कानून लागू करने होंगे। उन्होंने यह भी अपील की है कि महिलाएं स्वयं भी सतर्क रहे क्योंकि जब तक समाज में अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं है।
अंशिका की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हमारी व्यवस्था में त्वरित न्याय की सख्त आवश्यकता है। यह समय है कि सरकार उदाहरण पेश करें और यह संदेश दे कि महिलाओं की अस्मिता और जीवन से खिलवाड़ करने वालों को केवल एक ही सजा मिलेगी – सीधे फांसी। अब समाज की निगाहें न्यायपालिका और सरकार पर टिकी हैं। अंशिका के हथियारों को मिली सख्त सजा ही भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाने की दिशा में पहला कदम होगा
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