हमीरपुर: पूर्व केंद्रीय मंत्नी व सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्नी सुखविंदर सिंह सुक्खू का पत्न के माध्यम से ध्यान ऊना के हरोली में चल रही अवैध माइनिंग की ओर खींचते हुए माइनिंग माफिया पर कड़ी कार्यवाई की माँग की है। अनुराग ने कहा कि देवभूमि हिमाचल भारी बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएँ ङोल रहा है। अवैध खनन बाढ़ और जलभराव का एक बड़ा कारण है, मिट्टी और बालू के खनन से जहां लोगों को काफी असुविधा होती है वहीं बरसात के समय नदी में बाढ आने से कटाव का खतरा और भी बढ जाता है।
अनुराग ने कहा कि मेरी अपनी सूचना के अनुसार ऊना ज़िले के हरोली में खनन माफिया बिना किसी सरकारी आदेश के बड़े पैमाने पर रेत व मिट्टी का खनन कर क्षेत्न को जोखिम में डाल रहे हैं। साइंटिफिक न होने की वजह से ये माइनिंग बड़े ख़तरे को बुलावा दे रही है। आख़िर ऊना में इन खनन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है? खुलेआम हो रही इस अवैध माइनिंग पर सरकार और प्रशासन चुप क्यों है? अवैध माइनिंग की मोटी रक़म की बंदरबाँट में कौन-कौन लोग शामिल हैं ?
सांसद ने कहा कि नदी के तल से रेत और पत्थरों के खनन से नदी का तल गहरा होता है और इसमें पानी का प्रवाह तेज होता है। यही बढ़ा हुआ प्रवाह नदी के किनारों का कटाव तेज़ करता है और बाढ़ की स्थिति में मकान, पुल जैसे बुनियादी संरचनाओं को अधिक नुकसान पहुंचाता है। जहां आम आदमी को अपने जीवन व परिवार को लेकर चिन्ता है वहीं खनन विभाग पूरे मामले में मूक दर्शक बना हुआ है। मेरा मुख्यमंत्नी से विनम्र अनुरोध है कि प्रदेश के हालातों को देखते हुए अवैध खनन से जुड़ी सभी गतिविधियों पर तुरंत कार्यवाई करने का निर्णय लें। हिमाचल के हित में खनन मा़फियाओं को नेस्तनाबूद करें ताकि देवभूमि में बाढ़ और जलभराव के ख़तरे को कम किया जा सके