Site icon Dainik Savera Times

Haryana : अजमत को पाकिस्तान से नाहिद का इंतजार, बच्चे भी आएं वापस

azmat-waits-for-nahid

azmat-waits-for-nahid

पानीपत। मुरादाबाद के अजमत अली की कहानी सरहदों में उलझे उस दर्द की तस्वीर है, जहां एक पिता अपने ही बच्चों से मिलने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहा है। कभी साथ हंसता-खेलता परिवार आज दो देशों में बंट गया है। और एक बाप अपने चार मासूमों को पाकिस्तान से वापस लाने के लिए हर दरवाजा खटखटा रहा है। पानीपत में पत्रकारों के सामने वह इस दर्द को छिपा नहीं पाया।

पाकिस्तान पहुंच पत्नी बोली- हो चुका है तलाक

पानीपत में वकीलों के चैंबर में प्रसिद्ध अधिवक्ता मोमिन मलिक के साथ पत्रकारों से बात करते हुए उसने भारत सरकार और मानवाधिकार आयोग से मदद की गुहार लगाई। अजमत अली ने बताया कि उनकी शादी करीब 30 साल पहले पाकिस्तान की रहने वाली नाहिद से हुई थी। शादी के बाद नाहिद भारत आ गई और वे मुरादाबाद में रहने लगे। उनके चार बच्चे हुए, जिनके पास भारतीय पासपोर्ट हैं। वर्ष 2017 में नाहिद अपने परिवार से मिलने चारों बच्चों को वीजा पर ले गई, लेकिन उसके बाद नहीं लौटी। नाहिद ने पाकिस्तान में दावा किया कि उनका तलाक हो चुका है, लेकिन ऐसा नहीं है।

पत्नी वहीं रहे, बस बच्चे मिल जाएं

अजमत अली का कहना है कि उनके बीच कोई कानूनी तलाक नहीं हुआ है। भावुक होते हुए अजमत अली ने कहा कि मेरी पत्नी नाहिद बेशक पाकिस्तान में ही रहे, लेकिन मेरे चारों बच्चे भारतीय नागरिक हैं और उनका भविष्य भारत में है। मैं भारत सरकार से अपील करता हूँ कि मेरे बच्चों को वापस लाने में मेरी मदद की जाए। वहीं इस मामले में अधिवक्ता मोमिन मलिक ने बताया कि वे अजमत अली के बच्चों को कानूनी तरीके से वापस लाने के लिए पूरी पैरवी करेंगे। बच्चों के पास भारतीय नागरिकता और पासपोर्ट हैं, उन्हें भारत वापस लाना उनका कानूनी अधिकार है।

पाकिस्तान में नहीं मिलने दिया बच्चों से

अपने बच्चों की जुदाई से बेहाल अजमत अली वर्ष 2022 में तीन महीने का वीजा लेकर पाकिस्तान गए थे, लेकिन पाकिस्तान में उन्हें उनके ही बच्चों से मिलने नहीं दिया गया। वीजा की अवधि समाप्त होने पर उन्होंने विस्तार के लिए आवेदन किया, लेकिन वीजा नहीं बढ़ाया गया। इसके बजाय उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 17 माह तक लाहौर की जेल में रखा गया। जेल की सजा काटने के बाद उन्हें वापस भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

Also Read :

Exit mobile version