नई दिल्लीः बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। नितिन नवीन ने बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को अपना त्यागपत्र सौंपा। दरअसल, उन्हें हाल ही में राज्यसभा के लिए चुना गया है। नियमों के अनुसार अगर कोई नेता संसद के किसी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) के लिए चुना जाता है, तो उसे विधानसभा की सदस्यता छोड़नी होती है। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
राज्यसभा चुनाव के बाद लिया फैसला
16 मार्च को राज्यसभा चुनाव हुए थे, जिसमें नितिन नवीन के साथ-साथ नीतीश कुमार, शिवेश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर भी चुने गए थे। नियम यह कहता है कि ऐसे नेताओं को 14 दिनों के भीतर अपनी पुरानी सीट से इस्तीफा देना होता है। 30 मार्च को यह समय सीमा पूरी हो रही थी, इसलिए नितिन नवीन ने समय रहते इस्तीफा दे दिया।
बांकीपुर और बिहार के मेरे सभी परिवारजन एवं कार्यकर्ता साथी,
जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और दिनांक 27 अप्रैल 2006 को मैं पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत… pic.twitter.com/IHhLpd0aJD
— Nitin Nabin (@NitinNabin) March 30, 2026
बांकीपुर की जनता का जताया आभार
इस्तीफा देने के बाद नितिन नवीन ने एक भावुक संदेश भी साझा किया। उन्होंने कहा कि उनका राजनीति का सफर 2006 में शुरू हुआ था, जब उनके पिता और वरिष्ठ नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद उन्होंने उपचुनाव जीता था। उन्होंने बताया कि पिछले 20 सालों में बांकीपुर की जनता ने उन्हें 5 बार विधायक चुना। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को उन्होंने हमेशा अपने परिवार की तरह माना और यहां के लोगों का प्यार और समर्थन उनके लिए बहुत खास है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी दिया इस्तीफा
इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा अपने आवास पर ही परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा। नीतीश कुमार ने आखिरी बार 2004 में लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसके बाद से वे लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे थे। अब नए राजनीतिक बदलावों के चलते उन्होंने भी यह पद छोड़ दिया है।

