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‘बिहार को परिणाम, सम्मान और उन्नति चाहिए’, वोटिंग के बीच मतदाताओं के नाम तेजस्वी का संदेश

tejswee yadav

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पटना। महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मतदाताओं के लिए संदेश लिखा है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन का शंखनाद हो चुका है और बिहार सिर्फ परिणाम चाहता है। राजद नेता ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सबसे पहले, हृदय से आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने प्रथम चरण में रिकॉर्ड तोड़ मतदान किया और पूरे देश को ये संदेश दिया कि अब भाषण और जुमले नहीं चलेंगे, अब परिवर्तन का शंखनाद हो चुका है और बिहार सिर्फ परिणाम चाहता है।”

तेजस्वी यादव ने अपने संदेश में कहा, “विपक्षियों की हर चाल आप लोगों ने नाकाम की। हमेशा की तरह उन्होंने बिन बात के मुद्दों में आपको उलझाने का प्रयास किया, लेकिन आपने संयमित, संगठित और सारगर्भित ढंग से जिस तरह पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई वाली तेजस्वी सरकार को चुना, उसके लिए मैं आजीवन आपका कृतज्ञ रहूंगा।”

मतदाताओं के नाम संदेश में उन्होंने कहा, “आपका और मेरा सपना एक है। आपका और मेरा दर्द एक है, आपका और मेरा लक्ष्य एक है, इसे कोई बिहार के बाहर वाला नहीं समझ सकता। पहले से ही बहुत देर हो चुकी है। बीस साल में हम विकास नहीं कर पाए। बीस साल में सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई। बिहारवासियों को अपराध मुक्त वातावरण नहीं दे पाई। अच्छी शिक्षा, अच्छे अस्पताल, अच्छा इलाज नहीं दे पाई। किसान को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिली। व्यापारी को घाटे से मुक्ति नहीं मिली और हर घर को महंगाई से मुक्ति नहीं मिली।”

उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को जो मिला वो बस आश्वासन, जुमले, झूठ, वादे और हवाबाजी। ये सब अब एक सेकंड भी बिहार सहना नहीं चाहता। तेजस्वी यादव ने लिखा, “पिछले कई सालों में हमने बिहार की विकास नीति बनाने में बहुत मेहनत की है। हर वर्ग, हर जाति, हर धर्म, हर समुदाय के लिए हमने नीतियां गठित की हैं। 17 महीने के अल्प समय में इन्हें लागू करके ये भी सिद्ध किया कि हमारी हर नीति लोकनीति है, लोकहित की नीति है।”

अपने संदेश के आखिर में तेजस्वी यादव ने लिखा, “असली आजादी बेरोजगारी, घूसखोरी, रिश्वतखोरी, महंगाई, अत्याचार, भ्रष्टाचार, झूठ, जुमला, अन्याय, शोषण और असमानता से मुक्ति में है। हमारी हर बिहारी को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की सोच है। गांव का उत्थान होगा तभी राष्ट्र का उत्थान होगा और हम उसी भावना से बिहार के गांवों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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