नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को असम के कामरूप में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय असम में गैर-कानूनी घुसपैठ की अनुमति दी गई, जिससे राज्य की जनसंख्या का संतुलन (डेमोग्राफी) बदल गया। शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) असम को कांग्रेस के “पाप” से मुक्त कराएगी।
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कामरूप में लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बड़ी संख्या में घुसपैठिए असम में आ गए। इससे राज्य की डेमोग्राफी संकट के स्तर तक पहुँच गई। उन्होंने कहा कि उस समय भी भाजपा और अन्य संगठनों ने घुसपैठ का विरोध किया था और असम आंदोलन को समर्थन दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया।
शाह ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि धुबरी, बारपेटा, मोरीगांव, नागांव और गोलपारा जैसे जिलों में जनसंख्या का स्वरूप क्यों बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन जिलों में घुसपैठियों की संख्या बढ़ी है और इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जैसे देश के कई हिस्सों को नक्सलवाद से मुक्त कराया गया है, वैसे ही असम को भी घुसपैठ से मुक्त कराया जा सकता है। इसके लिए मजबूत इरादा, हिम्मत और दृढ़ नेतृत्व की जरूरत है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में मौजूद है।
#WATCH | Kamrup, Assam | Union Home Minister Amit Shah says, “…If a large part of the country can be freed from Naxalism, then the country’s land can also be freed from intruders. For this, heart, courage, and firm resolve are needed, and Prime Minister Modi has all three.” pic.twitter.com/PKW4RzUO6k
— ANI (@ANI) February 21, 2026
इससे पहले दिन में अमित शाह ने गुवाहाटी में आयोजित 87वीं CRPF स्थापना दिवस परेड में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि CRPF के 86 साल के इतिहास में पहली बार स्थापना दिवस की परेड असम और पूर्वोत्तर भारत में आयोजित की गई है। शाह ने इसे पूरे नॉर्थईस्ट के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि 2019 में यह निर्णय लिया गया था कि CRPF की सालाना परेड देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित की जाएगी, और इस बार इसका आयोजन असम में होना विशेष महत्व रखता है।
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इससे पहले 18 फरवरी को, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 2026 में होने वाले असम विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि असम में कुल 126 विधानसभा सीटें हैं। इनमें 98 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। 19 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। 9 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए मतदाता-केंद्रित कई कदम उठाने की भी घोषणा की है। इस तरह अमित शाह के दौरे में एक ओर जहां उन्होंने कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए, वहीं दूसरी ओर CRPF परेड और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें कही।
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