सिर पर गठरी, बहन की अस्थियां, कठघरे में व्यवस्था

नई दिल्ली। सच का आईना अक्सर वहीं मिलता है, जहां नजरें कम पड़ती हैं। ओडिशा के एक ग्रामीण इलाके की सुनसान राह पर चलता वह व्यक्ति केवल राहगीर नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बन गया। उसके कंधों पर रखी गठरी में कोई वस्तु नहीं, बल्कि उसकी मृत बहन के अवशेष थे और भीतर … Continue reading सिर पर गठरी, बहन की अस्थियां, कठघरे में व्यवस्था