नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई से कहा कि वे 7वीं कक्षा के छात्रों को त्रि-भाषा नियम से दी गई छूट को छठी कक्षा के मौजूदा छात्रों पर लागू करने पर विचार करें। कोर्ट ने सीबीएसई को 17 सितंबर को कहा था कि वह 2027 से शुरू होने वाले अगले अकादमिक सत्र से छठी कक्षा के छात्रों के लिए 3 भाषाओं, जिनमें 2 भारतीय भाषाएं शामिल हों, का अध्ययन करने की अपनी नीति लागू करने पर विचार करे।
सीबीएसई के 29 जून के बयान के अनुसार, अभी कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को 10वीं कक्षा में जाने पर तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अपने आदेश में कहा, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया है कि लगभग 99 प्रतिशत स्कूलों ने तीसरी भाषा नीति को अपनाया है और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जबकि केवल 1.2 प्रतिशत स्कूलों ने ऐसा नहीं किया है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए, हम निर्देश देते हैं कि छठी कक्षा के छात्रों को भी 7वीं के छात्रों की तरह ही छूट दी जाए। कोर्ट ने याचिकाओं की सुनवाई को 6 हफ्ते बाद के लिए निर्धारित करते हुए सीबीएसई से कहा कि वह 4 हफ्ते के अंदर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करे और जवाब दाखिल होने के दो हफ्ते के भीतर अपना प्रत्युत्तर भी दाखिल करे।
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