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Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतें आज बढ़ीं या घटी? जानें 10 ग्राम गोल्ड का लेटेस्ट रेट

Dollar Strength Impacts Precious Metals

Gold-Silver Prices: सर्राफा बाजार में शुक्रवार को जबरदस्त हलचल देखने को मिली। सुरक्षित निवेश के तौर पर पसंद किए जाने वाले सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने एक बार फिर बुलियन मार्केट का रुख किया, जिससे चांदी की कीमत में करीब 5,380 रुपये की छलांग लग गई और यह 2.25 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं सोना भी मजबूत होकर 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभलते संकेत

ग्लोबल मार्केट में हालात थोड़े स्थिर नजर आए। हाल ही में आई गिरावट के बाद सोना और चांदी दोनों में हल्की रिकवरी देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.33% की बढ़त के साथ 4,423 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी भी मामूली मजबूती के साथ 68.13 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

इस सुधार के पीछे बड़ा कारण अमेरिका की ओर से पश्चिम एशिया को लेकर नरम रुख माना जा रहा है। ईरान से जुड़े तनाव पर फिलहाल कार्रवाई टलने से बाजार को थोड़ी राहत मिली है।

राहत के बावजूद क्यों बना है दबाव?

हालांकि कीमतों में तेजी आई है, लेकिन बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। कुछ बड़े फैक्टर अब भी दबाव बनाए हुए हैं:

ब्याज दरों का खतरा: महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते केंद्रीय बैंक दरें ऊंची रख सकते हैं, जिससे सोना-चांदी की चमक फीकी पड़ सकती है।

मजबूत डॉलर: डॉलर इंडेक्स मजबूत बना हुआ है, जिससे कमोडिटी महंगी होती है और मांग पर असर पड़ता है।

केंद्रीय बैंकों की बिकवाली: तुर्की जैसे देशों द्वारा बड़े स्तर पर सोना बेचने से सप्लाई बढ़ी है और कीमतों पर दबाव आया है।

एक महीने में बदला ट्रेंड

दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक महीने में सोना पारंपरिक “सेफ हेवन” की भूमिका निभाने में नाकाम रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद सोना करीब 17% तक टूट चुका है। इस दौरान यह शेयर बाजार के साथ चलता नजर आया, जबकि तेल की कीमतों से इसका उल्टा संबंध देखने को मिला।

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आगे क्या करें निवेशक?

मौजूदा हालात में बाजार काफी संवेदनशील बना हुआ है। भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरें और डॉलर की चाल ये तीनों फैक्टर आने वाले दिनों में सोना-चांदी की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सतर्क रणनीति अपनाने की जरूरत है।

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