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अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर तनाव को लेकर चीन का पहला बयान, कहा- समझौतों का…

China issues first statement on border tension in Arunachal Pradesh

China issues first statement on border tension in Arunachal Pradesh

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव की खबरों के बीच चीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन ने कहा है कि वह भारत के साथ सीमा पर पेट्रोलिंग को लेकर हुए समझौतों और सहमतियों का पालन कर रहा है। चीन के मुताबिक, उसकी सेना सीमावर्ती इलाकों में अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करने और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पेट्रोलिंग करती है।

चीन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ने आरोप लगाया था कि चीन की ओर से पेट्रोलिंग के लिए तय नियमों और सहमत तौर-तरीकों का पालन नहीं करने से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव की स्थिति पैदा होती है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को कहा कि चीन दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और महत्वपूर्ण सहमतियों का लगातार और सख्ती से पालन करता रहा है। उन्होंने कहा कि चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग और सीमा प्रबंधन से जुड़े काम करता है।

गुओ जियाकुन ने यह भी बताया कि भारत और चीन राजनयिक तथा सैन्य माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी दोनों देशों के बीच बनी सहमतियों को लागू करने में सहयोग करेगा। चीनी प्रवक्ता के मुताबिक, दोनों देशों को मिलकर ऐसे ठोस कदम उठाने चाहिए, जिनसे सीमा पर शांति और स्थिरता बनी रहे।

अरुणाचल प्रदेश में अब भी सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति

भारत-चीन सीमा पर तनाव का मुद्दा उस समय फिर चर्चा में आया, जब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच टकराव की जानकारी दी। 22 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के अलवर में आयोजित हिमवीर सम्मान समारोह में जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा के कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति जुलाई में भी बनी थी और कुछ स्थानों पर यह स्थिति अभी भी जारी है। इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात भारतीय जवानों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात नई शौर्य कमांडो टीमें ऐसे हालात में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

सीमा पर तैनात होंगी शौर्य कमांडो टीमें

ITBP प्रमुख शत्रुजीत सिंह कपूर ने बताया कि शौर्य कमांडो टीमों को सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इन टीमों ने सैनिकों के आमने-सामने आने जैसी परिस्थितियों में अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हर बॉर्डर बटालियन में इन टीमों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, जल्द ही इनकी एक पूर्ण बटालियन भी तैयार की जाएगी। इन विशेष टीमों की तैनाती का उद्देश्य सीमा पर किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से निपटने के लिए जवानों की तैयारी और क्षमता को मजबूत करना है।

भारत ने चीन पर लगाए थे पेट्रोलिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप

ITBP महानिदेशक के बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी सीमा पर स्थिति को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। भारत ने कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव की एक प्रमुख वजह चीन की ओर से पेट्रोलिंग के लिए दोनों देशों के बीच तय सहमत तौर-तरीकों का पालन नहीं करना है।

भारत का कहना है कि सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों को पहले से तय नियमों और व्यवस्थाओं का पालन करना जरूरी है। पेट्रोलिंग के दौरान सहमति से तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं होने पर गलतफहमी और टकराव की आशंका बढ़ जाती है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा था कि भारत और चीन सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य माध्यमों के जरिए बातचीत जारी रखे हुए हैं।

सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बातचीत जारी

भारत के अनुसार, दोनों देश सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने और गलतफहमी से बचने के उपायों पर भी चर्चा कर रहे हैं। इसके तहत वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर दोनों पक्षों की समझ को बेहतर बनाने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है। चीन ने भी अपने ताजा बयान में दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य संपर्क जारी रहने की बात कही है। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के आमने-सामने आने की खबरों के बीच दोनों देशों के बयानों में पेट्रोलिंग के नियमों और उनके पालन को लेकर अंतर दिखाई देता है। फिलहाल, सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बातचीत और मौजूदा व्यवस्थाओं के जरिए मुद्दों को सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है।

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