Last Updated: September 22, 2026

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कैसा रहा है बिहार के नए CM Samrat Chaudhary का राजनीतिक करियर, कितनी है चल-अचल संपत्ति?

April 15, 2026

कैसा रहा है बिहार के नए CM Samrat Chaudhary का राजनीतिक करियर, कितनी है चल-अचल संपत्ति?

CM Samrat Chaudhary: मंगलवार को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में भाजपा युग की शुरुआत हो गई। बिहार में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री ने शपथ ली, जो भाजपा के लिए ऐतिहासिक है। केंद्रीय कृषि मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान द्वारा संशय के बादल हटाए जाने के बाद, सम्राट चौधरी के नाम पर आधिकारिक मुहर लगी। सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में बागडोर संभाल ली है। राज्यपाल सैयद अताउल हसनैन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

विरासत में मिली राजनीति
बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (राकेश कुमार) का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड स्थित लखनपुर गांव में हुआ था। वह एक प्रतिष्ठित राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, वहीं उनकी माता पार्वती देवी भी बिहार विधानसभा की सदस्य रही हैं। पिछड़ा वर्ग (कुर्मी समुदाय) से संबंध रखने वाले सम्राट चौधरी को राज्य की राजनीति में ओबीसी वोट बैंक पर पकड़ रखने वाला एक कद्दावर नेता माना जाता है।

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उतार-चढ़ाव भरा रहा राजनीतिक करियर
सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने 1990 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से राजनीति की शुरुआत की। 1999 में कम उम्र में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने थे। वे बिहार के सबसे युवा मंत्रियों में से एक थे। वर्ष 2000 और 2010 में सम्राट परबत्ता से विधायक चुने गए। कुछ दिन जेदयू में रहने के बाद वर्ष 2017 में वे भाजपा में शामिल हो गए।

2023 में बने प्रदेश अध्यक्ष
वर्ष 2023 में वे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। जनवरी 2024 में नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाए गए और वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास, पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग को संभाला। फिर 2025 के विधानसभा चुनाव में तारापुर से जीत दर्ज की। सिर्फ आठ से नौ साल में भाजपा में उनकी तेज तरक्की को पार्टी की ओबीसी आउटरीच रणनीति का नतीजा माना जा रहा है।

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आपराधिक मामले दर्ज
सम्राट चौधरी विवादों से भी घिरे रहे हैं। 2025 के चुनावी हलफनामे में सम्राट चौधरी ने जानकारी दी थी कि उन पर दो आपराधिक मामले लंबित हैं। एक केस पटना में दर्ज है। तो दूसरा उनके गृह जिले मुंगेर में दर्ज है। लोकसभा चुनाव के दौरान आचार सहिंता के उल्लंघन का मामला भी उन पर केस दर्ज किया गया था। उन्होंने हलफनामे में 10 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति घोषित की थी।

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