यूपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सभा में बड़ा बयान दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें शांति और कल्याण अच्छा नहीं लगता। जब भी कोई हिंदू पर्व या त्योहार आता है, वे अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं और उनसे निपटना सरकार की जिम्मेदारी है। योगी ने कहा कि किसी भी धर्म या परंपरा के महापुरुषों का सम्मान होना चाहिए। आस्था दिल का मामला है, खुद के भीतर का विश्वास है, इसे दिखावे या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। हर कोई अपनी-अपनी आस्था के अनुसार पूजा-पाठ कर सकता है और किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 27, 2025
आस्था के नाम पर गलत…
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग आस्था का हवाला देकर न तो सही चीजें करते और न ही सम्मान दिखाते। वे एक ओर किसी पूजा-पाठ या परंपरा की आलोचना करते हैं, और दूसरी ओर “I LOVE MOHAMMAD” जैसे नारे लगाकर या आस्था के नाम पर तोड़फोड़ भी करते हैं। यह दोगलापन ठीक नहीं है।
योगी ने बताया कि ये लोग आस्था के नाम पर आगजनी, राह चलते लोगों पर हमला, महिलाओं को डराना, दुकानों और व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं कराते हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों पर भी हमले होते हैं। ऐसे व्यवहार से समाज में भय और अस्थिरता फैलती है।
शांति भंग करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा “छेड़ोगे तो फिर छोड़ेंगे भी नहीं और छोड़ेंगे नहीं तो फिर छूटोगे भी कभी नहीं।” यानी जो भी शांति भंग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी कि…
योगी ने कहा कि हम सबको सुरक्षा और सम्मान दिया जाएगा। लेकिन अगर कोई इन सुरक्षा और सम्मान को भंग करने की कोशिश करेगा और निर्दोष लोगों पर हमला करेगा, तो उसके खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिये उदाहरण बन जाएगी। सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करके उत्पात मचाने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी — यह उनका साफ शब्दों में चेतावनी था।

