हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की देवी माना गया है। इन्हीं की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाने वाला महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से शुरू होता है।
सनातन हिंदू परंपरा में पितृपक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह वह समय होता है जब लोग अपने दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान तथा दान-पुण्य जैसे धार्मिक कर्म करते हैं।
श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस वर्ष तिथि के अंतर के कारण गृहस्थ और वैष्णव परंपरा में यह व्रत अलग-अलग दिनों में रखा जा रहा है।
आज ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व लेकर आई है। हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है।
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया इस वर्ष 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में इस दिन को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। खास बात यह है कि इस बार अक्षय तृतीया पर आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है, जिसे दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करने वाला योग माना जाता है।.