Cockroach Janata Party writes to PM : नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। दीपके ने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी से सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ का मुआवजा मांगा है।
दीपके ने शिक्षा व्यवस्था में विफलता का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने पत्र में लिखा मैं आज भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूं, जिससे कि आपका ध्यान एक ऐसे गंभीर संकट की ओर आकर्षित कर सकूं, जो हमारे राष्ट्र के भविष्य को ही खतरे में डाल रहा है, हमारे युवा छात्रों के जीवन और मानसिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहा है।
दीपके ने अपने पत्र में दावा किया कि छले एक सप्ताह में 11 नीट उम्मीदवारों ने सुसाइड किया है। सबसे सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से पांच दिल दहला देने वाली घटनाएं पिछले 48 घंटों के भीतर हुई हैं। दीपके का आरोप है कि बार-बार होने वाले परीक्षा विवादों से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है और कई छात्र मानसिक दबाव झेल रहे हैं। दीपके ने पत्र में लिखा कि पिछले दो महीनों में मैं व्यक्तिगत रूप से उन कई शोकग्रस्त परिवारों से मिला हूं जिनके छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। अपने बच्चे को खोने के असहनीय भावनात्मक आघात के अलावा, ये परिवार अब गंभीर और लगातार बिगड़ती आर्थिक बर्बादी का सामना कर रहे हैं।
बेहतर भविष्य की तलाश में, कई परिवारों ने अपने बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए भारी मात्रा में शैक्षिक ऋण लिए थे, जो व्यवस्थागत विफलताओं के कारण बेरहमी से चकनाचूर हो गए। जिन बच्चों की शिक्षा पर उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी लगा दी थी, उन्हें खो देने के बाद ये परिवार पूरी तरह से बेसहारा हो गए हैं। सरकार को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए आगे आना चाहिए। हम मांग करते हैं कि आपका प्रशासन कागजी सूचनाओं के रिसाव के बढ़ते संकट के कारण आत्महत्या करने वाले सभी परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा जारी करे।” अभिजीत दीपके ने सरकार से जवाबदेही की अपनी पार्टी की मांग को दोहराया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने लिखा कि कॉकरोच जनता पार्टी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है और अपनी मांगों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। हम छात्रों की बस यही मांग है कि जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेही तय की जाए। अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि बार-बार होने वाली व्यवस्थागत विफलताएं, कुप्रबंधन और इन परीक्षाओं को लेकर व्याप्त अत्यधिक चिंता हमारे शिक्षा तंत्र के पतन की ओर इशारा करती हैं। इसलिए, हम आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि शिक्षा मंत्री को बर्खास्त कर दें। वे आपकी इच्छा के अनुसार कार्य कर रहे हैं और अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री का होता है।
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