चंडीगढ़। स्थानीय निकाय चुनाव में मिली हार को कांग्रेस ने हलके में नहीं लिया है। इस विषय पर मंथन के लिए कांग्रेस ने बैठक बुलाई है। यह बैठक शुक्रवार को जगाधरी में होगी। चुनाव से पहले मजबूत दिख रही कांग्रेस चुनाव में चारों खाने चित हुई है।
संगठन था तैयार, फिर भी हार
स्थानीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का संगठन तैयार हो गया था। इसके बावजूद हार का मुंह देखने वाली कांग्रेस के लिए इस पर मंथन करना अहम है। इस मंथन बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह करेंगे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। सभी संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्ष को भी बैठक में आने के लिए पार्टी की ओर से निर्देश दिए गए हैं। चुनाव के बाद यह बैठक इसलिए पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है कि निकाय चुनाव में पार्टी के पैर पूरी तरह से उखड़ गए है।
गढ़ में हार गई कांग्रेस
सांपला नगर पालिका जो कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा वहां पर भी कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा। पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम में भी पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। कई जगहों पर तो कांग्रेस से अधिक निर्दलीय उम्मीदवार जीते इससे यह संदेश गया कि भाजपा से लड़ाई लड़ लोगों को बेहतर विकल्प बताने वाले कांग्रेसी नेताओं के दावे हवा में उड़ गए। बैठक में इस पर विचार किया जाएगाा।
जिलाध्यक्षों से होंगे सवाल
जिलाध्यक्षों से सवाल किए जाएंगे कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्या किया। जहां पर चुनाव हुए वहां के कार्य तो सामने ही आ गए है। विधायकों और सांसदों से भी पावरफुल बताए जाने वाले जिलाध्यक्षों के कार्य को भगवा झंडा ले उड़ा। जहां चुनाव नहीं उन जिलों के जिलाध्यक्षों के रिपोर्ट कार्ड को परखा जाएगा। लगातार कमजोर साबित हो रहे जिलाध्यक्ष को पद से हटा दूसरी जिम्मेदारी देने की सिफारिश की जा सकती है।
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