हिसार। नीट-2026 के विवाद पर हिसार के छात्रों प्रदर्शन किया और चेयरमैन इस्तीफा भी मांग लिया। इसके अलवा एनटीए को भंग करने की मांग की है। भारत की जनवादी नौजवान सभा और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा।
छात्र संगठनों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तुरंत प्रभाव से भंग करने की मांग की है। उनका कहना था कि नीट पेपर लीक होने से लगभग 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में है और वे मानसिक दबाव झेल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह पूरी धांधली कुछ भ्रष्ट लोगों की मिलीभगत का नतीजा है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली के विकेंद्रीकरण की वकालत करते हुए पहले की व्यवस्था बहाल करने और सरकारी एजेंसियों को ही दोबारा परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपने की अपील की है।
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए गए है। युवाओं ने HPSC के चेयरमैन आलोक वर्मा के तत्काल इस्तीफे या राज्यपाल की ओर से बर्खास्त किए जाने की मांग की। ज्ञापन में राज्य की भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए कई अहम मांगें रखी हैं। छात्रों ने मांग की है कि भर्ती परीक्षाओं में न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक लाने की अनिवार्य शर्त को तुरंत समाप्त किया जाए और भर्ती में पूरी पारदर्शिता अपनाते हुए सभी उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाकर अंतिम चयन केवल मेरिट के आधार पर हो।
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