अजब-गजब: सूरत से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने यह साफ कर दिया कि अगर बैंक गलती करे और ग्राहक अपने हक के लिए डटा रहे, तो देर से ही सही लेकिन न्याय जरूर मिलता है। यह घटना 18 फरवरी 2017 की है। सूरत के उधना इलाके में रहने वाले जतिन पटेल एटीएम से 10,000 रुपये निकालने गए थे। एटीएम State Bank of India का था और उनका खाता Bank of Baroda में था। उन्होंने एटीएम में सभी प्रक्रिया पूरी की, लेकिन मशीन से पैसे नहीं निकले। हैरानी की बात यह रही कि उनके खाते से पूरे 10,000 रुपये कट गए।
आम तौर पर ऐसी स्थिति में ग्राहक बैंक में शिकायत करता है और कुछ दिनों में पैसा वापस मिल जाता है। जतिन ने भी कई बार बैंक से संपर्क किया, लेकिन हर बार उन्हें यही कहा गया कि ट्रांजैक्शन सफल रहा है और उन्हें पैसे मिल चुके हैं। यानी बैंक ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया।
इसके बाद जतिन ने हार नहीं मानी और उन्होंने Right to Information Act (RTI) का सहारा लिया। RTI के जरिए उन्होंने एटीएम का सीसीटीवी फुटेज और जर्नल लॉग निकलवाया। इन सबूतों से साफ साबित हो गया कि उन्हें एटीएम से कोई कैश नहीं मिला था। इसके बावजूद बैंक ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। आखिरकार जतिन ने मामला उपभोक्ता अदालत में पहुंचाया। उन्होंने सूरत के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान यह साबित हो गया कि बैंक ने न सिर्फ ग्राहक की शिकायत को नजरअंदाज किया, बल्कि पुख्ता सबूत होने के बावजूद पैसा वापस नहीं किया।
RBI के नियमों के अनुसार, अगर एटीएम ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है तो बैंक को 5 दिनों के अंदर ग्राहक का पैसा वापस करना होता है। अगर बैंक ऐसा नहीं करता, तो उसे हर दिन 100 रुपये के हिसाब से जुर्माना देना पड़ता है। इस मामले में बैंक ने करीब 9 साल तक पैसा वापस नहीं किया। कुल 3288 दिनों के हिसाब से जुर्माना 3,28,000 रुपये बनता है। इसके अलावा 10,000 रुपये की मूल राशि पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना पड़ा। साथ ही मानसिक परेशानियों के लिए 3,000 रुपये और कानूनी खर्च के लिए 2,000 रुपये देने का भी आदेश दिया गया।
इस तरह 10,000 रुपये की गलती बैंक को करीब 3 लाख रुपये से ज्यादा देकर चुकानी पड़ी। यह मामला सभी बैंक ग्राहकों के लिए एक सीख है। अगर एटीएम से पैसा न निकले लेकिन खाते से कट जाए, तो तुरंत बैंक में शिकायत करें। अगर बैंक समय पर कार्रवाई न करे, तो आप बैंकिंग लोकपाल या उपभोक्ता अदालत का सहारा लेकर अपना हक जरूर पा सकते हैं।

