
भुवनेश्वर/कोलकाता : आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से आई आपदा के कारण कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। चक्रवात से हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें जलमग्न हो गईं, रेलवे पटरियों को नुक्सान पहुंचा और लाखों हैक्टेयर में खड़ी फसलें तबाह हो गईं। इसके प्रभाव से पड़ोसी राज्यों ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। नरसापुर और यनम के बीच तट से पहुंचे चक्रवात ने पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, विशाखापत्तनम और विजयनगरम जिलों में भारी नुक्सान पहुंचाया।
इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 125-135 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि इसकी रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। पश्चिम गोदावरी जिले के भीमावरम में चर्च सेंटर के पास पेड़ गिरने से चोक्का किशोर (45) की मौत हो गई, जबकि बोडाडावारी स्ट्रीट में बिजली का खंभा गिरने से रामबाबू (34) की जान चली गई। पूर्वी गोदावरी जिले के सखीनेतीपल्ली मंडल के अंतरवेदिकरा प्रकाशपुरम में मकान ढहने से बुजुर्ग महिला कोल्लू वेंकायम्मा की मौत हो गई।
वहीं, विशाखापत्तनम जिले में बिजली का खंभा गिरने से के. माधवी और सिंहचलम के बालाजीनगर में बिंदु नाम की महिला की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में 47,000 से अधिक नारियल और अन्य पेड़ उखड़ गए। इसके अलावा 391 इलैक्ट्रिक फीडर क्षतिग्रस्त हुए और सैकड़ों बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई कॉलोनियों में अंधेरा छा गया। खराब मौसम के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी आने-जाने वाली 17 उड़ानें तथा हैदराबाद जाने वाली 16 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
फसल नुक्सान के कारण 2,24,489 हैक्टेयर क्षेत्र में धान, पपीता, पान और केले की फसलें नष्ट हुई हैं, जिससे 3.50 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने 28,000 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने नुक्सान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है।