
Delhi Fire: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिस स्टे में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए होटल की ऊपरी मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी।
सूचना मिलने के बाद की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घायल लोगों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें मैक्स अस्पताल, एम्स ट्रॉमा सेंटर और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के बाद एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, होटल को दिल्ली सरकार की ओर से “बेड एंड ब्रेकफास्ट” योजना के तहत लाइसेंस दिया गया था, जिसके तहत केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति थी। लेकिन होटल में करीब 25 कमरे बनाए और चलाए जा रहे थे। इतना ही नहीं, कुछ कमरे बेसमेंट में भी बनाए गए थे। इससे सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि आग सुबह करीब 9 बजे लगी थी। हालांकि अभी तक आग लगने का सटीक कारण सामने नहीं आया है। पुलिस, दमकल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि होटल में सुरक्षा मानकों और लाइसेंस से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पास में स्थित मैक्स अस्पताल में इलाज के लिए देश-विदेश से मरीज आते हैं। इसी वजह से आसपास कई होटल और गेस्ट हाउस संचालित होते हैं। जिस होटल में आग लगी, वहां भी कई विदेशी नागरिक ठहरे हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, “दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।”
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