नेशनल डेस्कः दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले अंतरराज्यीय हेरोइन सप्लाई और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। करीब 20 दिनों तक चले ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 7.076 किलो हेरोइन बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने सिर्फ हेरोइन सप्लाई करने वालों को ही नहीं पकड़ा, बल्कि हेरोइन बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भी पता लगाया है।
लखनऊ में चल रही थी अवैध हेरोइन फैक्ट्री
जांच के दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में एक अवैध फैक्ट्री के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने यहां छापेमारी कर 6.275 किलो तैयार हेरोइन बरामद की। इसके अलावा फैक्ट्री से हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला करीब 3.291 किलो कच्चा माल और केमिकल भी बरामद किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फैक्ट्री में कितने समय से ड्रग्स तैयार की जा रही थी और तैयार हेरोइन को किन-किन इलाकों में भेजा जाता था।
फैक्ट्री मालिक और मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री के मालिक और मुख्य सप्लायर बताए जा रहे रुकसार अली उर्फ राजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे बरेली से पकड़ा। रुकसार अली को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को करीब 120 किलोमीटर तक उसका पीछा करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब रुकसार अली से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और इस नेटवर्क को चलाने के लिए पैसे और ड्रग्स की सप्लाई किस तरह की जाती थी।
दिल्ली और सोनीपत से भी हेरोइन बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली-NCR के अलग-अलग इलाकों में भी कार्रवाई की। बेगमपुर में पुलिस ने लक्ष्मण हुड्डा के कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद की। उसके पास से 3 लाख रुपये नकद भी मिले। वहीं, सोनीपत में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अनिल उर्फ भोला को पकड़ा। उसके कब्जे से 501 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इस मामले में लक्ष्मण हुड्डा, अनिल उर्फ भोला, बाबलू और रुकसार अली उर्फ राजू समेत कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
20 दिन तक चला पुलिस का ऑपरेशन
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए करीब 20 दिनों तक लगातार जांच और निगरानी की गई। पुलिस ने दिल्ली-NCR के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी नेटवर्क से जुड़े लोगों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तैयार हेरोइन को अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जा रहा था और इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस ने पहले सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाई और फिर जांच को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ में चल रही अवैध फैक्ट्री का पता लगाया।
अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
चार आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होने के बाद पुलिस अब पूरे ड्रग नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लखनऊ की फैक्ट्री में तैयार की जा रही हेरोइन को दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में किन-किन जगहों पर सप्लाई किया जाता था। इसके साथ ही पुलिस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी कर रही है।
पैसों के लेन-देन की भी होगी जांच
जांच का एक बड़ा हिस्सा इस नेटवर्क से जुड़े फाइनेंशियल लिंक पर भी केंद्रित है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स की खरीद, निर्माण और सप्लाई के लिए पैसों का इंतजाम कौन करता था और इस कारोबार से होने वाला पैसा किन लोगों तक पहुंचता था।
इसके अलावा फैक्ट्री से बरामद कच्चे माल और केमिकल के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
दिल्ली पुलिस की जांच अभी जारी है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग हैं और इसका नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस का कहना है कि बरामद ड्रग्स, अवैध फैक्ट्री, आरोपियों के संपर्क और पैसों के लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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